
आईपीएस हिमांशु राय ने मुंबई में की थी खुदकुशी (Photo: X/Ecko_India)
Anurag Dhankar Death: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का सोमवार को निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उन्हें तुरंत जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका शव फंदे से लटका मिला। उनकी अचानक मौत से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
हालांकि, उनकी मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने आठ साल पहले महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय की मौत की याद भी ताजा कर दी है।
अक्तूबर 2025 में हरियाणा के बड़े आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार की ख़ुदकुशी की भी खबर आई थी। उन्होंने अपने घर पर खुद को गोली मार ली थी। बाद में पुलिस को आठ पन्नों के एक नोट मिला। इसके आधार पर पता चला कि पूरन कुमार अगस्त 2020 से ही वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा जाति के आधार पर भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के शिकार हो रहे थे। आरोप यह भी था कि उनका नाम गलत तरीके से घूसख़ोरी के एक मामले में डाल दिया गया था।
2018 में महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय ने भी खुद को गोली मार ली थी। उस समय वे महाराष्ट्र पुलिस में अपर पुलिस महानिदेशक (ADGP) के पद पर तैनात थे।
1988 बैच के आईपीएस और महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के पूर्व प्रमुख हिमांशु रॉय ने 11 मई 2018 में मुंबई स्थित अपने सरकारी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। रॉय करीब दो वर्षों से बोन मैरो कैंसर से जूझ रहे थे। बीमारी के कारण वह गहरे अवसाद में थे। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें लिखा था कि असाध्य कैंसर और उससे उपजे गहरे अवसाद के कारण वह यह चरम कदम उठा रहे हैं।
हिमांशु रॉय ने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। उन्होंने 2013 IPL स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले की जांच की, जिसमें अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी।
इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार जेडे हत्याकांड, लैला खान डबल मर्डर केस, दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर पर फायरिंग जैसे चर्चित मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के केस में जांच दल का हिस्सा नहीं थे, लेकिन वह पूरे ट्रायल पर बारीकी से नजर रखते थे और अदालत की कार्यवाही में भी मौजूद रहते थे। उन्होंने 2012 में अजमल कसाब को मुंबई से पुणे की यरवडा जेल तक अत्यंत गोपनीय तरीके से पहुंचाने के ऑपरेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जहां बाद में कसाब को फांसी पर लटकाया गया था।
अनुराग धनखड़ और हिमांशु रॉय दोनों ही अपने-अपने दौर के बेहद सम्मानित और तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते थे। दोनों ने देश के कई बड़े और संवेदनशील मामलों की जांच की और लंबा प्रशासनिक अनुभव हासिल किया। हालांकि, दोनों की मौत अलग-अलग परिस्थितियों में हुई। हिमांशु रॉय के मामले में बीमारी और अवसाद को कारण बताया गया था, जबकि अनुराग धनखड़ की मौत के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में उनकी मौत को लेकर जांच जारी है।
Updated on:
20 Jul 2026 07:25 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:48 pm
