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उद्धव ठाकरे की सरकार ‘हनीट्रैप’ से गिरी, 4 युवा सांसद और 17 विधायक फंसे… संजय राउत का सनसनीखेज दावा

Maharashtra Honey Trap: महाराष्ट्र में कई नेताओं और अधिकारियों के हनीट्रैप में फंसने के दावे ने सियासी माहौल गरमा दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हनी ट्रैप के आरोपों को बेबुनियाद बताया है, लेकिन इस मामले में लगातार नए सनसनीखेज आरोप सामने आ रहे हैं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 21, 2025

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संजय राउत ने फडणवीस सरकार पर किया कटाक्ष (Photo: IANS)

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में हनीट्रैप का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष के दावों और बीजेपी नीत महायुति सरकार की सफाई के बीच सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इस बीच, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को इस मामले में एक के बाद एक कई सनसनीखेज आरोप लगाए और दावा किया कि तीन साल पहले महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार का पतन भी 'हनी ट्रैप' की वजह से ही हुआ था।

संजय राउत ने दावा किया की इस हनी ट्रैप कांड में हमारे चार युवा सांसदों और 16-17 विधायकों को फंसाया गया और उन्हें हमारा साथ छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को फंसाया गया, उन्हें कुछ सीडी और पेन ड्राइव के जरिए ब्लैकमेल किया गया। कुछ नेता डरकर सूरत गए, ताकि सीडी लीक न हो जाए।

राज्यसभा सांसद राउत ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के लिए काम करने वाले प्रफुल्ल लोढ़ा ने नेताओं को हनी ट्रैप के जाल में फंसाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही भाजपा अब पल्ला झाड़ रही हो, लेकिन लोढा के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ की तस्वीरें मौजूद हैं।

उद्धव गुट के कद्दावर नेता राउत ने कहा, देवेंद्र फडणवीस के ठीक बगल में हनीट्रैप वाला बैठा था, और अब वे कह रहे हैं कि कुछ नहीं हुआ है। लेकिन हम सब जानते हैं कि यह झूठ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अब चार पेन ड्राइव और दो सीडी की तलाश में जुटी है, जिनमें कथित आपत्तिजनक सामग्री होने का दावा किया जा रहा है। फडणवीस और महाजन को भी सब पता है कि इसमें क्या है।

वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री फडणवीस ने पहले ही हनीट्रैप के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। लेकिन राउत के नए आरोपों ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। क्या वाकई जून 2022 में महाराष्ट्र की अघाड़ी सरकार 'हनी ट्रैप' की वजह से गिरी थी? यह सवाल अब जनता और राजनीतिक हलकों में गूंजने लगा है। हालांकि इस मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

‘न कोई हनी है, न ट्रैप है’, CM फडणवीस का बड़ा बयान

सीएम फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी मंत्री, पूर्व मंत्री या विधायक के खिलाफ हनीट्रैप से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली हैं। फडणवीस ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ना कोई हनी है, ना कोई ट्रैप है। अगर कोई ऐसी चीज है तो वो हमें भी बताओ। बिना पुख्ता सबूत के आरोप लगाना ठीक नहीं है।

इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा था, ऐसे गंभीर आरोप लगाने से पहले पुख्ता सबूत लाने चाहिए। सदन छोड़कर जाने या शो मचाने से कुछ नहीं होगा। सत्ता पक्ष को घेरने के लिए तथ्यों-सबूतों के साथ आईये। उन्होंने कहा था, "नाना पटोले जी, इस तरह सदन का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सही सबूत लाईए, उसे मजबूती से पेश करिए। सत्ता पक्ष की बोलती बंद कर दीजिए। लेकिन ऐसी बातें मत कहिए जो सच नहीं हो।"

72 अधिकारी और मंत्री हनी ट्रैप में फंसे- पटोले

बता दें कि कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने कुछ दिन पहले विधानसभा में एक पेनड्राइव लहराते हुए दावा किया था कि इसमें हनीट्रैप से जुड़े बड़े सबूत हैं। पटोले ने कहा था, "राज्य के 72 से ज्यादा अधिकारी और कुछ मंत्री हनी ट्रैप के जाल में फंस चुके हैं। हनी ट्रैप के जरिए गोपनीय जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही कुछ अधिकारियों को ब्लैकमेल किया गया है और वह आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने के बारे में सोच रहे हैं। सरकार इस मामले को दबा रही है।“