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उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! वफादार सुभाष देसाई के बेटे भूषण करेंगे शिंदे सेना में एंट्री

Subhash Desai Son Bhushan Join Eknath Shinde Camp: सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहेंगे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 13, 2023

Uddhav Thackeray on Election Commission

शिवसेना नाम मेरे दादा ने दिया था- उद्धव ठाकरे

Uddhav Thackeray Subhash Desai: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ताकत बढ़ती जा रही है। असली शिवसेना के तौर पर पहचान मिलने के बाद शिंदे खेमे में उद्धव ठाकरे के समर्थकों की एंट्री शुरू हो गई है। अब तक कई विधायक, सांसद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता खुले तौर पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को नकारते हुए शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। लेकिन इन सबके बीच कुछ पुराने वफादार उद्धव ठाकरे के साथ रहे। इनमें मुख्य रूप से लिलाधर डाके, मनोहर जोशी और सुभाष देसाई के नाम शामिल हैं।

लेकिन अब शिवसेना के इन पुराने दिग्गजों की अगली पीढ़ी कुछ अलग ही मिजाज दिखाने की तैयारी कर रही है। खबर है कि अगले कुछ घंटों में सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहेंगे। यह भी पढ़े-मुंबई में 28 हजार से ज्यादा बच्चे बीमार, BMC की हेल्थ स्क्रीनिंग में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

सुभाष देसाई को बालासाहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के भरोसेमंद नेता के रूप में जाना जाता है। हालांकि, सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई अब एकनाथ शिंदे के साथ नजर आएंगे। भूषण देसाई के इस फैसले से शिवसेना में फूट के बाद एक और घर राजनीतिक आधार पर बंटता नजर आ रहा है। भूषण का एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होन ठाकरे परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं।

आखिरी सांस तक लडूंगा....

सुभाष देसाई ने सिंधुदुर्ग में हुई एक बैठक में शिवसेना में विभाजन पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मजबूत करने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। शिवसेना में विभाजन के बाद से ही सुभाष देसाई मजबूती से उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहे।


शिंदे के साथ गजानन किर्तीकर, ठाकरे के साथ है बेटा!

उत्तर पश्चिम मुंबई लोकसभा क्षेत्र के सांसद गजानन किर्तीकर शुरुआत में उद्धव ठाकरे के साथ थे। वह लगातार कांग्रेस और एनसीपी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। अंत में उन्होंने एकनाथ शिंदे के साथ जाने का फैसला किया। जबकि उनके बेटे अमोल किर्तीकर ने उद्धव ठाकरे के साथ रहने का फैसला किया।

वरिष्ठ नेता गजानन किर्तीकर बाला साहेब ठाकरे के बेहद करीबी थे। उन्हें जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। शिंदे गुट से जुड़ने के बाद कीर्तिकर ने कठोर शब्दों में उद्धव ठाकरे की आलोचना की है। उन्होंने कहा था कि एकनाथ शिंदे ही शिवसेना को सही दिशा में ले जाने का इरादा रखते हैं।