24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भगवा कुर्ता, गले में रुद्राक्ष माला… बालासाहेब के लुक में दिखे उद्धव ठाकरे, कालाराम मंदिर में की महाआरती

Uddhav Thackeray at Kalaram Mandir: भगवान राम जब 14 वर्षों के वनवास गए थे, तब वह सबसे पहले नासिक आये थे।

3 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jan 22, 2024

uddhav_thackeray_bal_thackeray.jpg

बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे

Uddhav Thackeray in Nashik: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे आज अपने परिवार के साथ नासिक के कालाराम मंदिर (Kalaram Mandir) गए और पूजा-अर्चना की। उनके साथ पत्नी रश्मी ठाकरे, बेटे आदित्य और तेजस ठाकरे मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। ठाकरे परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान राम की पूजा और आरती की। इस मौके पर मंदिर समिति की ओर से उद्धव ठाकरे का सत्कार किया गया।

नासिक में भगवान राम के प्रख्यात कालाराम मंदिर में उद्धव ठाकरे ने परिवार समेत पूजा-अर्चना की और महाआरती की। भगवान राम के दर्शन के बाद ठाकरे परिवार ने गोदावरी तट जाकर महाआरती की। इससे पहले उद्धव ठाकरे भागुर में स्वातंत्र्यवीर सावरकर के स्मारक गए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विजय करंजकर ने उद्धव ठाकरे का स्वागत किया। उनके साथ आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। यह भी पढ़े-'आज कारसेवकों की आत्मा को शांति मिली’, रामलला के विराजमान होने के बाद बोले राज ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने इस दौरान भगवा कुर्ता पहना था। गले में रुद्राक्ष की माला भी पहनी हुई थी और माथे पर टीका लगाया हुआ था। उनके इस लुक को देखकर कई लोगों को बालासाहेब ठाकरे की याद आ गई।

नासिक में उद्धव ठाकरे के पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जेसीबी से उद्धव ठाकरे को 40 फीट का हार पहनाया गया। साथ ही फूल की बरसात की गयी।

मंगलवार यानी 23 जनवरी को शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की जयंती है। इस मौके पर उद्धव गुट ने मंगलवार सुबह महाशिविर का आयोजन किया है। इसमें प्रदेशभर से 1600 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

उद्धव ठाकरे गुट के महाशिविर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की रणनीति बनायी जायेगी। वहीँ, शाम में उद्धव ठाकरे बड़ी सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर कारसेवकों का सत्कार भी किया जाएगा।

गौरतलब हो कि 500 साल के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की मूर्ति स्थापित की गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने रामलला की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की।

उद्धव ठाकरे को शनिवार को राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने का निमंत्रण मिला। लेकिन पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता ठाकरे को महज औपचारिकता के लिए स्पीड पोस्ट से भेजा गया। जबकि न्योता नहीं मिलने पर उद्धव खेमे ने पहले ही नासिक दौरे की घोषणा कर दी थी।

नासिक शहर के पंचवटी क्षेत्र में गोदावरी नदी के किनारे स्थित कालाराम मंदिर बेहद प्राचीन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक 10 दिन पहले यहां का दौरा किया था। भगवान राम जब 14 वर्षों के वनवास गए थे, तब वह सबसे पहले नासिक आये थे।

रामायण से जुड़े स्थानों में पंचवटी का विशेष महत्त्व है। रामायण की कई महत्वपूर्ण घटनाएं इसी स्थान पर घटी थी। पंचवटी का अर्थ है पांच बरगद के पेड़ों वाली भूमि। किंवदंती है कि भगवान राम ने यहां अपनी कुटिया स्थापित की थी क्योंकि पांच बरगद के पेड़ों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र को शुभ बना दिया था।