
उद्धव ठाकरे और संजय राउत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में उथल-पुथल का माहौल है। चुनाव में उम्मीद से खराब प्रदर्शन करने के बाद पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आ रहें हैं। कुछ नेता खुलकर पार्टी नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं। उद्धव गुट के नेता व प्रवक्ता किशोर तिवारी ने हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेताओं पर बड़ा आरोप लगाया और चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. हालांकि तिवारी के इस बगावती रुख पर उद्धव ने कड़ा एक्शन लिया और उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। खास बात यह है कि गुरुवार को ही उद्धव ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में खुद को 'झटकापुरुष' भी बताया।
पिछले कुछ दिनों से उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में बेचैनी साफ नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव में करारी हार से पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ गई है। कुछ नेताओं ने नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जताया है, तो कुछ ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है।
इसी बीच किशोर तिवारी ने एक न्यूज चैनल पर चर्चा के दौरान ठाकरे गुट के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पार्टी सांसद संजय राउत, विनायक राउत, अरविंद सावंत और मिलिंद नार्वेकर पर 'मातोश्री' और 'सेना भवन' पर कब्जा करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि जनाधार वाले नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और चुनाव में हार के लिए इन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
इस बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने तुरंत एक्शन लिया और किशोर तिवारी को प्रवक्ता पद से हटाने के साथ-साथ पार्टी से भी बाहर कर दिया। शिवसेना (यूबीटी) के केंद्रीय कार्यालय द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया।
किशोर तिवारी की बर्खास्तगी ने शिवसेना के अंदर की गुटबाजी और असंतोष को और उजागर कर दिया है। इसे पार्टी के भविष्य के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में शिवसेना के अंदर का यह संघर्ष और बढ़ सकता है। हालांकि डैमेज कंट्रोल के लिए खुद उद्धव ठाकरे ने मोर्चा संभाला है और उन्होंने मातोश्री में पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसदों की बैठक 20 फरवरी को हुई, जबकि विधायकों की बैठक 25 फरवरी को होगी।
Published on:
21 Feb 2025 12:21 pm
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