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(मुंबई): राज्य में साझा सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर भी शिवसेना प्रमुख स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के स्मारक का निर्माण लंंबित होने से शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे नाराज है। शनिवार को बाला साहेब ठाकरे के स्मृति दिन पर आदरांजलि देने पंहुचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव के बीच इस मसले पर आधे घंटे तक गुप्त चर्चा हुई। हालांकि इस मुलाकात से उद्धव संतुष्ट नहीं दिखे। नतीजन मुख्यमंत्री को महापौर बंगले पर उद्धव के साथ हुई बैठक के बाद अकेले ही शिवतीर्थ पर जाकर बालासाहेब को आदरांजलि अर्पित करना पड़ी। बालासाहेब स्मृति दिन पर पिछले छह वर्षों में पहली बार हुआ है जब फडणवीस अकेले आदरांजलि अर्पित करने गए।
शिवाजी पार्क में शिवतीर्थ पर आदरांजलि देने के लिए सुबह शिवसैनिकों और बालासाहेब ठाकरे के चहेतों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। हर वर्ष की तरह मुख्यमंत्री भी दादर पहुंचे लेकिन शिवतीर्थ स्थल के बजाय वे सीधे महापौर बंगले पर पहुचे जहां शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पहले से मौजूद थे। दोनों के बीच लगभग आधे घंटे तक गुप्त वार्ता हुई। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक निर्माण ,आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में युति को लेकर गंभीरता पूर्वक चर्चा हुई है।
मुख्यमंत्री के साथ शिवसेना के मंत्री दिवाकर रावते,सुभाष देसाई, रामदास कदम, रविंद्र वायकर, विधायक सुनील प्रभु आदि उपस्थित थे।
लाखों की संख्या में शिवतीर्थ पर पहुंचे शिवसैनिक बालासाहेब ठाकरे के स्मृति दिवस पर शिवाजी पार्क में शिवतीर्थ में लाखों शिवसैनिक का जनसैलाब उमड़ा। ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में शिवसैनिक यहां उपस्थित हुए थे। सुबह 7 बजे से ही शिवतीर्थ पर दर्शन बालासाहेब ठाकरे की ज्योति के दर्शन शुरू हो गए थे। आदरांजलि देने के लिए लगभग एक लाख कार्यकर्ता एवं ठाकरे अनुयायी उपस्थित हुए थे।
शिवसैनिकों को खाने की व्यवस्था
ग्रामीण इलाकों से आए शिवसैनिकों को खाने , पीने , आराम की व्यवस्था की गई थी। मैदान से सटकर बड़े—बड़े टेंट लगाए गए थे। यहां लोगों को खाने के लिए भोजन और पीने के लिए पानी मुफ्त वितरित किए जा रहे थे।
Published on:
18 Nov 2018 02:57 pm
