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Mumbai Fire: मौत के मुंह में भी निभाया फर्ज! मासूम को सीने से चिपकाए जान पर खेल गई अंकिता, दोनों की नहीं बची जान

Mumbai Building Fire: मुंबई के विले पार्ले स्थित शांता भवन की 11वीं मंजिल पर भीषण आग में ढाई साल के अबीर बटाविया और 23 वर्षीय अंकिता छेत्री की मौत हो गई। हादसे में आठ लोग घायल हुए हैं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 13, 2026

Mumbai Shanta Bhavan Fire Incident

विले पार्ले की शांता भवन इमारत में भीषण आग (Photo: X/Sakal)

Vile Parle Fire: मुंबई के विले पार्ले पश्चिम में मंगलवार रात एक इमारत की 11वीं मंजिल पर लगी भीषण आग में ढाई साल के मासूम अबीर बटाविया और 23 वर्षीय अंकिता छेत्री की मौत हो गई। दोनों की मौत धुएं में दम घुटने के कारण होने का प्राथमिक अनुमान है। हादसे में एक फायर ब्रिगेड जवान समेत आठ लोग घायल हुए हैं। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि प्रेस (इस्त्री) का बिजली कनेक्शन बंद करना भूल जाने के कारण आग लगी। घटना के समय अबीर के माता-पिता घर पर नहीं थे, जबकि उसकी बड़ी बहन अमायरा (5) को उसके दादाजी ने बचा लिया।

शांता भवन के दो फ्लैटों में लगी आग

यह हादसा विले पार्ले पश्चिम के सेंट जेवियर स्कूल के पास स्थित शांता भवन इमारत में हुआ। इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 11 मंजिलें हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे 11वीं मंजिल पर स्थित बटाविया परिवार के फ्लैट नंबर 1101 और 1102 में अचानक आग लग गई।

देखते ही देखते आग ने घर के बिजली के तारों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एसी, फर्नीचर, सोफा, बेड, लकड़ी की सजावट और किचन के सामान को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 4,000 वर्ग फुट क्षेत्र में आग फैल गई और पूरी इमारत में धुएं का गुबार फैल गया।

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची। इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए फायर ब्रिगेड ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब रात 1 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

अबीर को बचाने की कोशिश में अंकिता ने भी गंवाई जान

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आखिरी समय तक अंकिता छेत्री अबीर को बचाने की कोशिश करती रही। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, जब आग तेजी से फैल रही थी, तब बटाविया परिवार के घर में काम करने वाली अंकिता ने एक बेडरूम से ढाई साल के अबीर को उठाया और उसे लेकर उसी कमरे से जुड़े बाथरूम में चली गई।

रेस्क्यू टीम को दोनों बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले। अबीर अंकिता की छाती पर पड़ा हुआ था। दोनों को बाहर निकालकर सीपीआर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नानावटी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

कूपर अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दोनों की मौत दम घुटने के कारण हुई है। उनके शरीर पर आग से झुलसने की चोटें नहीं मिलीं।

परिवार के 3 सदस्य बाल-बाल बचे

आग में घायल हुए लोगों में बटाविया परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। बिल्डर हिरेन बटाविया (64) और उनके छोटे बेटे पार्थ (32) की हालत स्थिर बताई गई। पार्थ की पत्नी यशस्वी (33) और पड़ोसी अभिषेक को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस घटना में घायल शिवम द्विवेदी (29) को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मचारी मनोज सोनवणे भी घायल हुए। दोनों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। इमारत के एक वॉचमैन को भी मामूली चोट आई थी और उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

आग की वजह की जांच जारी

मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस आग लगने के वास्तविक कारण की जांच कर रहे हैं। एक वरिष्ठ फायर अधिकारी ने बताया कि आग किस वजह से लगी, इसकी जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर इस्त्री का बिजली कनेक्शन बंद नहीं किए जाने की आशंका सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

अबीर का शव परिवार को सौंपा गया

ढाई साल के अबीर के माता-पिता सिद्धार्थ और जयनी बटाविया बुधवार सुबह परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे। दोपहर करीब 1 बजे उन्हें अबीर का शव सौंप दिया गया। सांताक्रूज पुलिस थाने में इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक दत्तात्रय मसावेकर ने बताया कि 23 वर्षीय अंकिता छेत्री मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली थी। पुलिस ने उसके परिवार को सूचना दे दी है। परिवार के मुंबई पहुंचने और रक्त संबंधी परिजनों की सहमति मिलने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

अंकिता के कुछ दूर के रिश्तेदारों ने शव लेने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की ओर से उनके संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण शव उन्हें नहीं सौंपा गया।

इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उसका मासूम बच्चा छीन लिया, वहीं अंकिता ने आखिरी वक्त तक अबीर को बचाने की कोशिश करते हुए अपनी जान गंवा दी।

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