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पति की जान बचाने के लिए पत्नी ने किया लिवर डोनेट, दोनों की मौत, पुणे के नामी अस्पताल पर गंभीर आरोप

Pune News: परिवार ने अस्पताल और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से पति-पत्नी की जान चली गई।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 24, 2025

Hospital surgery Maharashtra

File Photo (IANS)

महाराष्ट्र के पुणे शहर (Pune ) से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। डेक्कन इलाके के मशहूर सह्याद्रि अस्पताल (Sahyadri Hospital) में लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के बाद कोमकर परिवार पूरी तरह से तबाह हो गया। ट्रांसप्लांट सर्जरी के बाद पति और पत्नी दोनों की मौत हो गई। जिसके बाद परिवार ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक दंपत्ति का नाम बापू बालकृष्ण कोमकर और उनकी पत्नी कामिनी बापू कोमकर है। पत्नी कामिनी ने अपने पति की जान बचाने के लिए खुद का लिवर दान किया था। डॉक्टरों ने बापू कोमकर को लिवर ट्रांसप्लांट किया, लेकिन ऑपरेशन के सिर्फ दो दिन बाद ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद आठ दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं कामिनी ने भी दम तोड़ दिया। इससे कोमकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और दंपत्ति का बेटा एक झटके में अनाथ हो गया।

कोमकर परिवार ने अस्पताल और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से पति-पत्नी दोनों की जान चली गई। रिश्तेदारों का आरोप है कि सर्जरी के बाद कामिनी सामान्य थीं और खाने-पीने लगी थीं, लेकिन अचानक उनकी मौत हो गई। परिजनों ने कामिनी की मौत का असली कारण नहीं बताने का भी आरोप लगाया है।

इस पूरी घटना ने एक बार फिर मेडिकल लापरवाही पर बहस छेड़ दी है। दरअसल परिजनों ने सह्याद्रि अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार ने यह सर्जरी कराने के लिए कर्ज लेकर पैसे जुटाए थे। डॉक्टरों ने सुरक्षित सर्जरी का भरोसा दिया था, लेकिन अब परिवार खत्म हो गया है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और अगर लापरवाही साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल यह घटना मेडिकल जगत में भी गहन चर्चा का विषय बनी हुई है।