
विप्रो की पूर्व महिला कर्मचारी ने लगाया गंभीर आरोप (Photo: IANS)
देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो टेक्नोलॉजीज (Wipro Technologies) भी नासिक टीसीएस (TCS) जैसे एक गंभीर विवाद में घिर गई है। पुणे की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी के कुछ अधिकारियों पर धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और दबाव बनाकर नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा है।
महिला का दावा है कि पिछले करीब दस महीनों के दौरान उसे लगातार मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने संस्थान में हिंदू महिलाओं को फंसाने, उन्हें अपनी शर्तें मानने या नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। हिंदू महिलाओं पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि कंपनी में शामिल होने के पहले दिन से ही उसके साथ अनुचित व्यवहार शुरू हो गया था। महिला ने दावा किया कि शाहीन रफीक (Shahina Rafiq) द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाया गया। उसे वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने के लिए कहा।
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने उसे कथित तौर पर ऐसे सुझाव दिए जो उसकी गरिमा और पेशेवर मर्यादा के खिलाफ थे। महिला का कहना है कि जब उसने इन बातों का विरोध किया और कंपनी के भीतर शिकायत करने की कोशिश की, तो उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसे करियर बर्बाद करने की भी धमकियां दी गईं।
पीड़ित महिला ने बताया कि शाहीन ने उससे कहा कि 'तुम्हारी योग्यता के हिसाब से विप्रो तुम्हें बहुत कम सैलरी दे रही है। इससे अच्छा है कि तुम अपने वरिष्ठ को फेवर करके खुश कर दो। फिर दुबई ट्रांसफर करवा लो। वहां मेरे कई शेख परिचित हैं, मैं तुम्हारी शादी उनमें से किसी से करा दूंगी, जिससे तुम्हें अच्छा फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगा।'
शिकायत के अनुसार, पीड़िता सीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी। महिला का आरोप है कि कंपनी के एरिया मैनेजर मोहम्मद सादिक जनवरी से लगातार उससे व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि काम संबंधी रिपोर्टिंग वह अपने टीम लीडर को करती थी।
पूर्व कर्मचारी का कहना है कि उसने कई बार कंपनी प्रबंधन को घटनाओं की जानकारी दी, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया। लगातार बढ़ते दबाव और प्रताड़ना के बीच उसे आखिरकार नौकरी से निकाल दिया गया।
महिला ने बताया कि उसने मंगलवार को पुलिस में औपचारिक शिकायत सौंपी थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि उसकी सबसे बड़ी मांग अपनी नौकरी वापस पाना है। उन्हें अवैध तरीके से बिना उचित कारण बताए नौकरी से बाहर किया गया। महिला ने यह भी मांग की है कि निजी क्षेत्र की कंपनियों में कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक मजबूत और स्वतंत्र संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में किसी कर्मचारी को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और छानबीन के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, इस मामले पर विप्रो की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
Updated on:
04 Jun 2026 02:06 pm
Published on:
04 Jun 2026 01:39 pm
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