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खेलते-खेलते रजार्इ आेढ़कर सो गए बच्चे, फिर मोमबत्ती से हुआ कुछ एेसा कि एक मासूम की हो गर्इ मौत

घटना के वक्त घर पर नहीं था कोर्इ, देखने के बाद मचा हड़कंप  

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muzaffarnagar

खेलते-खेलते रजार्इ आेढ़कर सो गए बच्चे, फिर मोमबत्ती से हुआ कुछ एेसा कि एक मासूम की हो गर्इ मौत

शामली। झिंझाना के पुरमाफी गांव में देर शाम जलती हुई मोमबत्ती बिस्तर में गिरने से यहां सो रहे 4 वर्षीय मासूम बालक व 8 वर्षीया बालिका बुरी तरह झुलस गए। परिजन दोनों भाई-बहन को शामली के निजी नर्सिंग होम में ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित कर दिया तथा बच्ची को उपचार के बाद छुट्टी दे दी। मासूम की मौत से घर में कोहराम मचा है। सुबह गांव में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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गांव पुरमाफी का है मामला

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार झिंझाना से 5 किमी की दूरी पर गांव पुरमाफी मे सोमपाल कश्यप के दो बच्चे जिसमें 4 वर्षीय देव तथा करीब 8 वर्षीय तनु घेर में स्थित एक बैठक में चारपाई पर खेलते-खेलते रजाई ओढ़ कर सो गए थे। इसी चारपाई के ऊपर दीवार में लगे लकड़ी के गुटके पर मोमबत्ती जल रही थी कि वह अचानक बिस्तर के ऊपर गिर गई, जिस वजह से चारपाई पर पड़े बिस्तर में आग लग गई।बताया गया कि घटना के समय बच्चों की दादी व बुआ पास में ही मकान में गई हुई थी।

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पचास फीसदी जल गए थे

शोर मचने के साथ बच्चों के ताऊ अनुज, दादी शिमला, बुआ रितु आदि लोग दौडकर घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक दोनों बच्चों के चेहरे व हाथ-पैर से 50% से अधिक जल चुके थे। घटना में बच्चों का ताऊ अनुज भी झुलस कर घायल हुआ है। परिजन दोनों बच्चों को लेकर तुरंत ही रात में शामली के एक निजी नर्सिंग होम में पहुंचे तो डॉक्टरों ने 4 वर्षीय देव को मृत घोषित कर दिया और तनु को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। घटना से कोहराम मचा है। परिजनों ने यह भी बताया कि सोमपाल अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ कैराना में रहकर आॅटो चला कर गुजर-बसर कर रहा है और उसके दोनों बच्चे गांव में अपनी दादी के पास रहते थे।