
मुजफ्फरनगर. कोरोना वायरस ने जहां दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। वहीं, खतरनाक वायरस का खौफ देश में देखा जा रहा है। कोरोना की दस्तक से कोहराम के बीच देश में लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में कैद हैं। सभी रास्ते, हाईवे और बाजार बंद होने के कारण पशुपालकों और डेयरी संचालकों के साथ-साथ गौशाला संचालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से ग्रामीण इलाकों में चारे से लेकर खल तक की चुरी की घटनाए बढ़ रही है।
जिनके पास भी पशु हैं, वह इस वक्त चारे के लिए जगह-जगह चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादातर भूसा हरियाणा से आता है। हाई-वे बंद होने की वजह से भुसा व्यापारी भी परेशान हैं। जहां एक ओर सरकार का दावा है कि पशुओं के चारे से संबंधित ट्रांसपोर्ट को रोका नहीं जाए। मगर उसके बावजूद भी पुलिस की ओर से उन्हें रोका जा रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो डेयरी संचालकों को आगे चलकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही पशुओं को भी भूखे मरना पड़सकता है।
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चारे की पैदा हुई किल्लत पर गौशाला नई मंडी के सहायक प्रबंधक शशि कुमार मिश्रा ने कहा कि होली से पहले जब स्थिति सामान्य थी तब जो भूसा थोक में लगभग 600 कुंटल के भाव में बिक रहा था। वहीं, फुटकर में 750 कुंटल के हिसाब से बिक्री हो रही थी। जैसे ही देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद सारी सीमाएं सील कर दी गई तो इसके बाद मुजफ्फरनगर सप्लाई प्रभावित होने की वजह इसके दाम में भी भारी इजाफा हो गया है। दरअसल, सीमावर्ती प्रदेश हरियाणा के सभी रास्ते बंद होने के कारण भूंसे की सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है, जिस वजह से भूसा व्यापारी परेशान हैं। करनाल से भूसा व्यापारियों को यहां भूसा नहीं लाने दिया जा रहा है, जिस वजह से पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, भूसा व्यापारी नौशाद का कहना है कि हम हरियाणा से भूसे की सप्लाई करते हैं। लॉडाउन की वजह से इस समय उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा से लेकर मुजफ्फरनगर तक उन्हें पुलिस प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने बताया कि रविवार को भी चरथावल पुलिस ने उनके साथ मारपीट की थी।
Published on:
30 Mar 2020 03:48 pm

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