
मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के 90 वर्षीय शहर काजी जहीर आलम का शनिवार देर रात निधन हो गया। बता दें शहर काजी सप्ताहभर से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन के समाचार से मुस्लिम समाज के साथ ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके आवास पर पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
शहर काजी के सबसे बड़े बेटे तनवीर आलम ने बताया कि देर रात करीब 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अब उनके शव को शामली रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द खाक किया जाएगा।
बता दें कि शहर जहीर आलम ने मुस्लिम समाज के साथ ही सभी लोगों में पोलियो के खिलाफ जागरूक करने का अभियान छेड़ा था। मुजफ्फरनगर में पोलियों के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में शहर काजी का सबसे बड़ा हाथ था। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने उन्हें अवार्ड देकर सम्मानित भी किया था।
बताया जाता है कि जहीर आलम को 1956 में शहर काजी की उपाधि से नवाजा गया था। उस समय उन्हें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने शहर काजी का सर्टिफिकेट दिया था। अपने पिता काजी मोहम्मद यूसुफ के इंतकाल के बाद वे इस उपाधि पर पहुंचे थे। मुजफ्फरनगर शहर काजी के रूप में वे कुनबे की चौथी पीढ़ी में बताए जाते हैं।
Published on:
02 Feb 2020 04:23 pm
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