
रवि सुलानिया, शामली। एक लाख के इनामी बदमाश साबिर के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जांबाज सिपाही अंकित तोमर के जज्बे का केवल विभाग ही नहीं बल्कि जनपद भी कायल है। कुख्यात साबिर से लोहा लेना उनका कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले करीब दस माह पूर्व भी अंकित ने 50 हजार के इनामी कुख्यात फुरकान से लोहा लेते हुए उसे सलाखों के पीछे भेजने में महत्वपूर्ण रोल अदा किया था।
आतंक का पर्याय बन चुका था फुरकान
आपको बता दें कि करीब 10 माह पहले कैराना में रंगदारी को लेकर दहशत का पर्याय बन चुका 50 हजार का इनामी फुरकान पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। 8 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैराना के सर्राफा व्यापारी राम अवतार वर्मा सहित आधा दर्जन रंगदारी के मामलों में फरार चल रहा कुख्यात अपराधी फुरकान जहानपुरा में किसी साथी के यहां आया हुआ है। सूचना पर पुलिस टीमों ने क्षेत्र में अपना जाल बिछा दिया। पुलिस ने ऊंचागांव के निकट एक बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने एसपी सहित विभिन्न टीमों पर फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस ने भी अपनी ओर से जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग 20 राउंड फायरिंग हुई थी। इस दौरान चार गोलियां फुरकान के शरीर में लगी जबकि सिपाही अंकित तोमर व शहजाद अली भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने घायल फुरकान को शामली के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वहीं, दोनों घायल पुलिसकर्मियों को गंभीर हालत के चलते केएमसी हॉस्पिटल मेरठ के लिए रेफर किया गया था। अंकित तोमर ने मंगलवार की रात को भी उसी साहस के साथ बदमाश साबिर को ललकारा था। शातिर साबिर ने कमरे में घुसते ही उन पर गोलियों की बौछार कर दी थी। अंकित की इस दिलेरी के कारण साबिर ढेर हो गया, जबकि अंकित भी जिंदगी की जंग हार गया।
भगवत सिंह के भी हैं साहस के किस्से
साबिर से हुई मुठभेड़ में कैराना कोतवाल भगवत सिंह भी घायल हुए थे। वह पहले भी मुठभेड़ में बदमाशों से लोहा लेते रहे हैं। इससे पहले जब वह झिंझाना थानाध्यक्ष थे तो 30 जून 2017 को झिंझाना के सकौती में हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गए थे। इसके बावजूद वह दो बदमाशों को पकड़ने में कामयाब रहे थे। इसके बाद 29 जुलाई 2017 को कैराना के भूरा गांव में बदमाश डैनी और सरवर से मुठभेड़ के दौरान भी वह घायल हो गए थे। 12 सितंबर 2017 में उनकी झिंझाना के किराना व्यापारी के घर में डकैती का प्रयास कर रहे बदमाश राजू से मुठभेड़ हुई थी, जिसमें राजू को मार गिराया गया था। उसमें भी थानाध्यक्ष भगवत सिंह घायल हो गए थे।
Published on:
04 Jan 2018 11:43 am
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