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बेटे के सामने पिता के सिर में एक और सीने में मारी दो गोली; पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी की हत्या, रो पड़े बीजेपी नेता

मुजफ्फरपुर में पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी हरिशंकर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने हरिशंकर सिंह को उसके बेटे के सामने ही तीन गोली मारी और मौके से फरार हो गए। 

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मामले की छानबीन में जुटी पुलिस (फोटो- मुजफ्फरपुर पुलिस)

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गरहां थाना क्षेत्र के मुरादपुर भरत गांव में मंगलवार रात अपराधियों ने खूनी तांडव मचाया। किसान सह प्रॉपर्टी डीलर हरिशंकर सिंह उर्फ हरि भगत (40 वर्ष) की उस वक्त गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जब वे अपने बेटे और एक मजदूर के साथ खेत से घर लौट रहे थे। अपराधियों ने उनके शरीर में तीन गोलियां उतारीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घर से 100 मीटर दूर हुई वारदात

जानकारी के अनुसार, हरिशंकर सिंह सनाठी चौर स्थित अपने खेत से गेहूं की दौनी कराकर बाइक से घर लौट रहे थे। बाइक के पीछे उनका मजदूर कैलाश मांझी बैठा था, जबकि उनका बेटा भी साथ था। जैसे ही वे बुझावन भगत उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप पहुंचे, पहले से घात लगाए बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन्हें घेर लिया।

अपराधियों के हाथ में हथियार देख बेटा जान बचाकर पास के खेतों की ओर भागा। अपराधियों ने हरिशंकर को पकड़ लिया और उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने उनके सिर में एक और सीने व पेट में दो गोलियां मारीं। घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गए।

रो पड़े पूर्व मंत्री रामसूरत राय

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता रामसूरत राय एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल पहुंचे। अपने पंचायत के युवा और बेहद करीबी हरिशंकर की लाश देख रामसूरत राय खुद को संभाल नहीं पाए और कैमरे के सामने ही फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने रुंधे गले से कहा, 'यह मेरे घर के बगल का, मेरे परिवार का ही लड़का था। अपराधियों ने उसे बड़ी बेरहमी से मारा है। यह पुलिस की शिथिलता का नतीजा है। 8 महीने पहले भी इस पर हमला हुआ था, लेकिन प्रशासन सोता रहा।'

पहले भी हो चुका है हमला

परिवार के सदस्यों का आरोप है कि हरिशंकर की जान पुलिस की लापरवाही के कारण गई। हरिशंकर के घर पर इससे पहले 27 जून, 2025 को भी हमला हुआ था। उस समय, उसने पुलिस को एक लावारिस मोटरसाइकिल सौंपी थी और अपनी जान को खतरा बताते हुए एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ने उस समय ही अपराधियों को सलाखों के पीछे डाल दिया होता, तो हरिशंकर आज भी जिंदा होता।

जमीन विवाद और सुपारी किलिंग का शक

प्रारंभिक छानबीन में पुलिस इस हत्याकांड के पीछे जमीन विवाद और पुरानी रंजिश को मुख्य कारण मान रही है। मृतक की मां, मीना देवी ने बताया कि जमीन के मालिकाना हक को लेकर उनके रिश्तेदारों के साथ एक पुराना विवाद चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश में सुपारी देकर या बड़ी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

एक आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद, सिटी SP मोहिबुल्लाह अंसारी और ग्रामीण SP राजेश सिंह प्रभाकर ने स्थिति की कमान संभाली। मिली जानकारियों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने देर रात छापेमारी की और मुख्य आरोपियों में से एक को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल घटनास्थल के दो किलोमीटर के दायरे में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को मौके से दो खाली कारतूस भी बरामद हुए हैं। SDPO-2 विनीता सिन्हा ने पुष्टि की कि एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, और बाकी अपराधियों को भी जल्द ही पकड़ लिए जाने की उम्मीद है।