5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बैंकों में ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आ रहे दो हजार के नोट, जानिए क्या है माजरा

शहर की बजाए गांवों से आ रहे दो हजार के नोट, गांवों में स्थित बैंक शाखाओं में रोजाना जमा हो रहे करोड़ों रुपए के बड़े नोट- एक व्यक्ति दस-दस बार आकर बदलवा रहा नोट

3 min read
Google source verification
बैंक में रोजाना जमा हो रहे करोड़ों रुपए के बड़े नोट

बैंक में रोजाना जमा हो रहे करोड़ों रुपए के बड़े नोट

नागौर. दो हजार के नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने की घोषणा के साथ आरबीआई की ओर से जारी की गई गाइडलाइन बैंकों के लिए मुसीबत बन गई है। आरबीआई ने एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपए के नोट बदलने की बात तो कही, लेकिन एक दिन, एक सप्ताह या एक महीने का उल्लेख नहीं किया, जिसके चलते कई लोग एक दिन में ही कई बार बैंक जाकर 20-20 हजार के नोट बदलवा रहे हैं।

कई लोग तो ऐसे हैं जो एक बार 20 हजार के नोट बदलवा कर हाथों-हाथ वापस लाइन में लग रहे हैं और बैंक वाले उन्हें मना नहीं कर पा रहे, क्योंकि नोट बदलवाने वाले का आईडी प्रूफ लेने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में किसी को बार-बार आने से रोक भी नहीं सकते। एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि दो हजार के नोट शहरों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में जमा हो रहे हैं। एक बैंक के मैनेजर ने बताया कि नागौर शहर की शाखा में यदि एक लाख रुपए जमा हो रहे हैं तो 9 लाख रुपए गांवों से आ रहे हैं। यानी जिन ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में दिनभर में लाख रुपए भी जमा नहीं होते थे, वहां इन दिनों दस से 15 गुना नकदी जमा हो रही है।

गौरतलब है कि आरबीआई ने गत 19 मई को एक रिलीज में बताया कि दो हजार रुपए का नोट सर्कुलेशन से वापस ले लिया गया है। लेकिन यह लीगल टेंडर बना रहेगा। आमजन के लिए 23 मई से बैंकों में जाकर इन नोटों को बदलवाने की व्यवस्था की गई, जिसके तहत एक बार में सिर्फ 20 हजार रुपए ही बदलवाए जा सकेंगे और इन नोटों को 30 सितम्बर तक बदलवाने का समय दिया गया। साथ में आरबीआई ने यह भी कहा कि नोट बदलवाने वाले को आईडी नहीं देनी पड़ेगी, यानी कोई भी व्यक्ति बैंक में जाकर दो हजार के 10 नोट एक बार में बदलवा सकता है।

कर्मचारी ने बदल लिए तो कौन पकड़ेगा
आरबीआई की गाइडलाइन का फायदा उठाकर यदि बैंक का कोई कर्मचारी एक दिन में करोड़ों रुपए के नोट भी बदलता है तो उसे कोई रोकने वाला नहीं है, क्योंकि नोट बदलवाने वाले का कोई रिकार्ड बैंक नहीं ले सकता। इसको देखते हुए पंजाब नेशनल बैंक ने अपने मैनेजर व केशियर के लिए एक इंटरनल गाइडलाइन जारी है, जिसके तहत दिनभर में जो भी दो हजार रुपए के नोट जमा हुए हैं, उनकी रिपोर्ट सबमिट करनी होगी। ऐसे में बैंक मैनेजर और केशियर के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। इसको देखते हुए पीएनबी में नोट बदलवाने के लिए आने वाले ग्राहकों को खाते में जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। पीएनबी की गुढ़ा भगवानदास शाखा के विशेष सहायक दिनेश गहलोत ने बताया कि वे प्रयास करते हैं कि दो हजार के नोट सीधे बदलने की बजाए एक बार खाते में जमा करवाएं। फिर भी यदि कोई ग्राहक नहीं मानता है तो उसे बदलकर दे देते हैं।

गांवों में क्यों जमा हो रहे हैं नोट
राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह भर से दो हजार के नोट बड़ी संख्या में जमा हो रहे हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर नोट ग्रामीण शाखाओं में जमा हो रहे हैं। ये नोट जमा करवाने वाले कौन हैं, इसका रिकार्ड तो बैंक ले नहीं सकता, लेकिन यह बड़ा सवाल है कि गांवों में इतनी बड़ी संख्या में दो हजार के नोट कैसे आए। इसके पीछे एक बात तो यह सामने आई है कि गत दिनों किसानों ने जीरा, ईसबगोल, मैथी सहित अन्य जिंसें मंडी में बेची थी, जिसके बदले उन्हें दो हजार के नोट दिए गए हों। या फिर शहर के पूंजीपति लोग किराए के लोगों से गांवों के माध्यम से अपने नोट बदलवा रहे हों, ताकि वे खुद सामने नहीं आएं। क्योंकि रोजाना करोड़ों रुपए दो हजार के नोट्स के रूप में जमा हो रहे हैं।

कहीं इसलिए तो नहीं रखा लूपहोल
बैंक अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने दो हजार के नोट को बदलवाने का लूपहोल इसलिए रखा, ताकि पूंजीपतियों के बड़े धन को बिना किसी रोक-टोक के बदल सकें। दूसरा कारण यह भी है कि आने वाले दिनों में चुनाव हैं, ऐसे में यदि पाबंदियां रखते तो जनता परेशान होती और सरकार से नाराज हो जाती। एक अधिकारी ने तो यहां तक कहा कि एक ही दिन में एक ही व्यक्ति के करोड़ो रुपए के नोट बदलें तो कौन पूछने वाला है, क्योंकि रिकार्ड तो किसी का लेना नहीं है। एक बार में 20 हजार वाला नियम केवल आमजन के लिए है।