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नागौर. लोहारपुरा क्षेत्र के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिम्मेदारों की आंखों के सामने हो रहा है लेकिन फिर भी वो चुप्पी साधे बैठे हुए है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है अस्पताल में चिकित्सकों का काम वहां पर लगाए गए कम्पाउंडर कर रहे है। इस वजह से चिकित्सकों की बल्ले- बल्ले हो रही है और वो जब मन चाहे आते है और चले जाते है। वहीं अधिकारियों का यह कहना है कि कम्पाउंडर पर्ची पर दवाई लिखता है तो उस पर कार्रवाई होती लेकिन यहां तो आंखों के सामने ही सब कुछ हो रहा है। गौरतलब है कि अस्पताल को लेकर राजस्थान पत्रिका पहले ही खबरे प्रकाशित कर चुका है।
लाओ, मैं दवाई लिख दूं
मामले का पता चलने पर पत्रिका टीम रविवार सुबह एक बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची जहां पर चिकित्सकों की कुर्सियां खाली थी। प्रवेश द्वार के सामने वाले कमरे में कम्पाउंडर इकबाल मरीजों को देख रहा था। पत्रिका टीम ने जब उनसे सवाल किया कि डॉक्टर कहां है तो उनका कहना था कि वो यहां पर नहीं है। उनसे कहा कि बच्चे को दिखाना है, तो उन्होंने खुद ही देख करके पर्ची पर तीन अलग- अलग दवाइयां लिख दी। जब उनसे सवाल किया कि कम्पाउंडर होकर आप दवाइयां कैसे लिख सकते हो यह तो मरीजों के साथ खिलवाड़ है तो उनका कहना था कि आपातकाल में कोई नहीं है तो मुझे ही दवाइयां लिखनी पड़ेगी।
चिकित्सक पहले भी हो चुका है एपीओ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो चिकित्सक लगाए हुए है लेकिन दोनों ही कभी- कभार ही समय पर अस्पताल पहुंचते है इसे लेकर राजस्थान पत्रिका पहले ही खबरें प्रकाशित कर चुका है। वहीं सूत्रों के अनुसार केंद्र में लगे दो चिकित्सकों में से एक चिकित्सक का रवैया ठीक नहीं होने के कारण पहले भी एपीओ किया जा चुका है लेकिन वो वापस ड्यूटी ज्वाइन कर लेता है।
बोर्ड पर भी गलत सूचना
पत्रिका टीम ने अस्पताल के कार्मिकों के विवरण वाले सूचना पट्ट पर नजर दौड़ाई तो वहां पर वर्तमान में जेएलएन अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही डॉ. अम्बिरीन महमूद को चिकित्सा प्रभारी बताया था। केंद्र के वर्तमान चिकित्सा प्रभारी डॉ. रविन्द्र गोदारा व डॉ. मुस्लिम जो यहां पर अपनी सेवाएं दे रहे है उनके नाम तो यहां के बोर्ड पर ही नहीं लिखे थे। इसके अलावा चिकित्सक स्टाफ में से भी कौन- कौन उपस्थित है कौन अनुपस्थित इस बारे में भी कुछ भी नहीं लिखा हुआ। इस बारे में जब पूछा गया तो जिम्मेदार भी कोई जवाब नहीं दे पाए।
अब होगी कार्रवाई
कम्पाउंडर पैरासीटामोल दवाई दे सकता है, यदि एंटीबायटिक दवाई लिखे तो कार्रवाई होती है। डॉ. मोहम्मद मुस्लिम की पहले भी मेरे पास शिकायत आ चुकी है, जिन्हें पहले भी एक बार एपीओ भी किया गया था लेकिन वो तीन- चार महीने में वापस ज्वॉइन कर लेता है। अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूचना पट्ट में भी सुधार करवाया जाएगा।
सुकुमार कश्यप, सीएमएचओ, नागौर
Published on:
20 Aug 2018 12:26 pm
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