3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में एंबुलेंस से निकली ऐसी चीज, दंग रह गए पुलिस अफसर, कई थानों की पुलिस कर रही थी पीछा

Rajasthan News: राजस्थान के नागौर जिले में डीएसटी और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर फर्जी एंबुलेंस 826 किलो अवैध डोडा पोस्त बरामद किया। यह माल 4 कट्टों में भरा हुआ था।

2 min read
Google source verification
Drug-smuggling

पकड़ी गई एंबुलेंस। फोटो: पत्रिका

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में डीएसटी और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर फर्जी एंबुलेंस 826 किलो अवैध डोडा पोस्त बरामद किया। यह माल 4 कट्टों में भरा हुआ था। आरोपी एक वाहन को मॉडिफाइड कर फर्जी एंबुलेंस का रूप देकर उसमें अवैध मादक की तस्करी कर रहा था।

सूचना मिलने पर थांवला, पादूकला व मेड़ता सिटी थानों की पुलिस के साथ डीएसटी ने एंबुलेंस का पीछा किया। रेण रेलवे फाटक से पहले एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आने पर गाड़ी रूकने पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। बरामद अवैध डोडा पोस्त की बाजार में कीमत 1 करोड़ 28 लाख रुपए बताई गई है।

4 थानों की बेरिकेडिंग तोड़ते हुए एंबुलेंस को भगाया

पुलिस के मुताबिक मेड़ता सिटी डीएसटी टीम और पुलिस ने थांवला से फर्जी एंबुलेंस का पीछा शुरू किया। आरोपी 4 थानों की बेरिकेडिंग तोड़ते हुए एंबुलेंस को भगा ले गया। रेण रेलवे फाटक से पहले एंबुलेंस तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। पीछे आ रही पुलिस ने आरोपी को पकड़कर एंबुलेंस को रेण चौकी में खड़ा करवाया। एंबुलेंस में अवैध डोडा पोस्त के 41 कट्टे बरामद हुए। जिसका वजन 826 किलो है।

कोटा से माल भरकर बाड़मेर की तरफ जा रहा था आरोपी

मेड़ता उप अधीक्षक रामकरण मंलिडा ने बताया कि आरोपी कोटा से माल भरकर बाड़मेर की तरफ जा रहा था। एक कार एंबुलेंस को एस्कॉर्ट कर रही थी। पहले भी इस रूट से 2-3 बार आरोपी अवैध मादक पदार्थ परिवहन कर जा चुका है। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र के भिंयाड़ निवासी रावताराम पुत्र हरकाराम को गिरफ्तार किया है।


यह भी पढ़ें

पति-पत्नी के बीच 15 साल तक शारीरिक संबंध नहीं, कोर्ट ने माना मानसिक क्रूरता

किसी को शक ना हो इसलिए मॉडिफाइड कर बनाई फर्जी एंबुलेंस

तस्कर की यह एंबुलेंस पूरी तरह फर्जी थी, जिसका किसी अस्पताल से कोई संबंध नहीं है। आरोपी ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में किसी को शक ना हो इसलिए एक वाहन को एंबुलेंस के रूप में पूरी तरह मॉडिफाइड कर दिया। जिसके पीछे ना किसी तरह की सीट थी और ना ही कोई चिकित्सकीय उपकरण। साथ ही एंबुलेंस की नंबर प्लेट भी फर्जी थी।

यह भी पढ़ें

राजस्थान में यहां जल संकट के विरोध का अनोखा तरीका, बना चर्चा का विषय


यह भी पढ़ें

राजस्थान में यहां 5 घंटे तक चली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, अतिक्रमियों को दी सख्त हिदायत