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नगर परिषद व एनएच के बीच ‘पिस रही जनता’

शहर की सात किलोमीटर सड़क हुई जर्जर, मरम्मत नहीं होने से आए दिन चोटिल होते हैं वाहन चालकवाहनों के साथ उड़ती धूल से दुकानदार भी परेशान

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Drivers get injured day by day due to non-repair of road

Drivers get injured day by day due to non-repair of road

नागौर. शहर के विजय वल्लभ चौक से मूण्डवा चौराहे होते हुए मानासर तक की सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होकर जर्जर चुकी है, लेकिन इस बार न तो मरम्मत हुई और न ही निकट भविष्य में इसके पुनर्निर्माण की संभावना लग रही है। राष्ट्रीय राममार्ग प्रशासन के अधिकारी इसे नगर परिषद को हैंडऑवर करने की बात कर रहे हैं, जबकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इतना बजट ही नहीं है कि इस सडक़ को बना सके। ऐसे में नगर परिषद व राष्ट्रीय राममार्ग प्रशासन के बीच जनता परेशान हो रही है। अब तो स्थिति यह है कि यह सड़क दुर्घटना जोन बन चुकी है, जहां आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होती है। वहीं सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने बैठे दुकानदार भी वाहनों के साथ उडऩे वाली धूल-मिट्टी से परेशान हैं।

गौरतलब है कि नागौर शहर के नागौर-लाडनूं एनएच से डीडवाना रोड, अजमेर रोड होते हुए जोधपुर रोड तक बायपास बनने तथा जोधपुर रोड से बीकानेर रोड तक बायपास बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन ने शहर के विजय वल्लभ से मूण्डवा चौराहा होते हुए मानासर तक की करीब सात किलोमीटर सड़क नगर परिषद को एक साल पहले ही हैंड ऑवर कर दी थी। इसके बाद सांसद हनुमान बेनीवाल के निर्देश पर सड़क को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की गई तथा एनएचआई से स्वीकृति के लिए सांसद केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मिले थे, लेकिन एक साल बाद भी स्वीकृति नहीं मिलने से जनता और वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।

फोरलेन तो बनेगा तब बनेगा, मरम्मत तो करवाओ
शहरवासियों का कहना है कि फोरलेन बनाना अच्छा काम है, लेकिन फोरलेन की स्वीकृति आने में यदि समय लग रहा है तो कम से मरम्मत तो करवाए, ताकि हादसे नहीं हों और धूल नहीं उड़े। मूरड़ व कंकरी डालने से वाहनों के साथ दिनभर धूल उड़ती है, जो बीमारियों का कारण भी बन रही है।

दिनभर उड़ती है धूल
लक्ष्मीतारा सिनेमा घर के सामने मेरी होटल है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां होटल चलाना मुश्किल हो रहा है। सडक़ टूटी होने से वाहनों के साथ दिनभर धूल उड़ती है, जिससे ग्राहक भी कम आते हैं और सामान भी खराब होता है। सडक़ टूटी होने से आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
- श्यामसुंदर सोलंकी, होटल संचालक

रोजाना होते हैं हादसे
पिछले काफी समय से विजय वल्लभ चौक से मूण्डवा चौराहे तक सडक़ पूरी तरह से टूट गई है, जिसके कारण आए दिन भारी वाहनों के टायर फटते हैं और हादसे होते हैं। थोड़ी-सी बारिश हो जाए तो स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। एक प्रकार से यह हादसों की सडक़ बन चुकी है।
- माही जोशी, कपड़ा व्यवसायी

बारिश में पानी और अब धूल की समस्या
महिला कॉलेज के सामने सामान्य बारिश से ही घुटने तक पानी भर जाता है। इसके कारण परेशानी होती है। हर बार तो बारिश के बाद मरम्मत भी हो जाती है, लेकिन इस बार सडक़ पूरी तरह उखड़ चुकी है और गड्ढ़े बन गए हैं, जिनके कारण वाहनों के साथ यहां धूल उड़ती रहती है। कई बार एक्सीडेंट भी होते हैं।
- नयन अग्रवाल, दुकानदार, कॉलेज रोड

एनएच से ही होगा काम, हमारे पास बजट नहीं
विजय वल्लभ चौराहे से मानासर चौराहे तक की सडक़ को फोरलेन बनाने के लिए हमने जिला कलक्टर के माध्यम से एनएचआई को प्रस्ताव बनवाकर भिजवाया था। नगर परिषद की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि इस सडक़ का काम करवा सके। इसलिए सडक़ काक काम एनएचआई द्वारा ही करवाया जाएगा।
- श्रवणराम चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद, नागौर