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विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में रैफरल बना उप जिला चिकित्सालय

जायल. शहर सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दो वर्ष पहले उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में चिकित्सालय रैफरल सेन्टर बना हुआ है।

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जायल उप जिला चिकित्सालय भवन।

- नियुक्ति के बावजूद दो चिकित्सक लम्बे समय से अनुपस्थित

- सोनोलॉजिस्ट नहीं होने से शुरू नहीं हुई सोनोग्राफी मशीन

- वर्षा बाद भी ब्लड बैंक शुरू नहीं

जायल. शहर सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दो वर्ष पहले उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में चिकित्सालय रैफरल सेन्टर बना हुआ है।

सरकार ने यहां दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी लेकिन वे अनुपस्थित चल रहे हैं। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ ओमप्रकाश शर्मा कार्यभार ग्रहण करने के बाद गत 9 माह से अनुपस्थित हैं । इस कारण ऑपरेशन सहित सभी सेवाएं बाधित हैं। ऑपरेशन थियेटर बंद पड़ा है।

इसी प्रकार अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप बगड़िया भी लम्बे समय से अनुपस्थित हैं। इन चिकित्सकों को नोटिस मिलने पर एक दो दिन कार्य कर फिर अन्यत्र प्रतिनियुक्ति पर या अनुपस्थित रहते हैं। इससे चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही है।

सोनोग्राफी मशीन का उपयोग नहीं

चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन सहित सभी चिकित्सा जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन सोनोलॉजिस्ट के अभाव में सोनोग्राफी मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है। मरीजों को रोजाना बाहर से सोनोग्राफी करवानी पड़ती है।

गत वर्ष 28 नवम्बर को राज्य मंत्री डॉ मंजू बाघमार ने सोनोग्राफी मशीन का शुभारंभ किया था। सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति के साथ ही इस मशीन का सदुपयोग होकर आमजन को काफी लाभ मिल सकता है।

वर्षा बाद ब्लड बैंक शुरू नहीं

ब्लड बैंक का भवन वर्षों पहले बन चुका, लेकिन चिकित्सक व आवश्यक उपकरण के अभाव में ब्लड बैंक शुरू नहीं हुआ है। उप जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक शुरू नहीं होने से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।

एक संविदा कर्मी के भरोसे दवा वितरण

यहां फार्मासिस्ट के दो पद स्वीकृत हैं। दवा वितरण के लिए गत दिनों नवीन दवा वितरण केन्द्र का शुभारंभ किया गया, लेकिन फार्मासिस्ट के दोनों पद रिक्त रहने से एक संविदा कर्मी दवा वितरण कर रहा है। उप जिला चिकित्सालय में 700-800 ओपीडी होने के बावजूद एक दवा केन्द्र के चलते दवा के लिए मरीजों व परिजनों को घण्टों इंतजार करना पडता है।

खल रही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी

चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भी रिक्त है। वरिष्ठ विशेषज्ञ एक, कनिष्ठ विशेषज्ञ के 6, चिकित्सा अधिकारी के 5, वरिष्ठ रेडियोग्राफर एक, तकनीकी सहायक एक, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के तीन, नेत्र सहायक एक, फार्मासिस्ट दो पद व वार्ड बॉय का एक पद रिक्त है।

इन चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध

चिकित्सालय में वर्तमान मेंं पीएमओ डॉ मनफूल धायल फिजिशियन, डॉ अर्जुन राम सांखला शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ दातारसिंह सर्जन, डॉ शक्ति सिंह फिजिशियन, डॉ पंकज स्वामी दंत रोग विशेषज्ञ, डॉ सुधीर बारूपाल दंत रोग विशेषज्ञ, डॉ रमेश सोनी फिजिशियन, डॉ अरविन्द सेवाएं दे रहे हैं।

इनका कहना

पीएमओ डॉ धायल ने बताया कि लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे दोनों चिकित्सकों को कई बार नोटिस दिए गए। उपलब्ध संसाधनों से बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। सोनोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद आमजन को ओर बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेगी।