
Rajasthan Road Accident: सात परिवारों के लिए सोमवार की रात ‘काली रात’ बन गई। जिन परिवारों में दो दिन बाद होली के रंग बिखरने वाले थे, वहां होली के रंग, बदरंग हो गए। जिले में हुए दो अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले सभी युवा थे।
इनमें तीन जोधपुर की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी थे, जबकि चार नागौर के निकटवर्ती बाराणी गांव के 30-35 साल के युवा थे। अल सुबह लोगों को हादसों की जानकारी मिलने पर हर कोई सन्न रह गया।
हादसे में घायल होने वाले नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी देश के अलग-अलग राज्यों के होने के कारण उनकी मदद के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए।
कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, एसपी नारायण टोगस, एएसपी सुमित कुमार, सीईओ रविन्द्र कुमार, एसडीएम गोविन्दसिंह भींचर, डीएसपी रामप्रताप विश्नोई, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार सुनीता पंकज सहित अन्य अधिकारियों ने घायल विद्यार्थियों का प्राथमिक उपचार करवाकर कुशलक्षेम पूछी तथा जूस पिलाकर बस से रवाना किया।
इसी प्रकार जेएलएन के पीएमओ डॉ. आरके अग्रवाल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. शीशराम चौधरी, डॉ. अनिल पुरोहित के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने घायलों का उपचार कराने से लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरा करवाने में सहयोग किया।
उधर, हादसे के बाद डेह में जायल उपखंड अधिकारी हर्षा व जायल डीएसपी खेमाराम बिजारनिया, डेह तहसीलदार रामधन विश्नोई, डेह पटवारी महेंद्र कुचिया, आरआई बजरंगलाल गोरा आदि अस्पताल पहुंचे तथा एम्बुलेंस सहित अन्य वाहनों से घायलों को नागौर भिजवाया।
सदर थाने के एएसआई शिवराम मीणा ने बताया कि बाराणी गांव के पास रात करीब 1.20 बजे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई तथा फिर सड़क किनारे खड़े तीन बड़े नीम के पेड़ों से टकराते हुए उलट गई। हादसा इतना खतरनाक था कि कार में सवार बाराणी निवासी सुशील जाट, मेहराम जाट, रेवंतराम व महेन्द्र जाट की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि महेन्द्र (25) पुत्र नेनाराम गोदारा व दिनेश (25) पुत्र मांगीलाल गंभीर घायल हो गए, जिन्हें गोगेलाव टोल नाके के हाइवे पेट्रोलिंग इंचार्ज लालसिंह व टीम ने तुरन्त मौके पर पहुंचकर अस्पताल पहुंचाया।
हादसे की सूचना मिलने पर 108 अलाय व नागौर टीमें भी मौके पर पहुंच गई। एएसआई मीणा ने बताया कि हादसे के समय वे हाइवे पर गश्त कर रहे थे और बाराणी से आगे थे। जैसे ही सूचना मिली वे मौके पर पहुंचे तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ मृतकों के शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए। दोनों गंभीर घायलों का जोधपुर में उपचार चल रहा है।
दूसरा हादसा मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जिले के सुरपालिया थाना क्षेत्र के नागौर-लाडनूं रोड पर हुआ। पटियाला से जोधपुर जा रहे जोधपुर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की बस को डेह से आगे लालदास महाराज धाम के पास एक ट्रक ने टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद बस सड़क से नीचे उतर कर पलट गई। हादसे में एक छात्रा सहित तीन विद्यार्थियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 27 जने घायल हो गए। एक छात्र का हाथ शरीर से अलग होकर दूर जा गिरा। सभी घायलों को डेह अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद नागौर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया।
बस में सवार चैन्नई निवासी अन्नता (19) पुत्र कृष्ण मूर्ति, मुम्बई निवासी सानवी (19) पुत्री राजीव, गुडग़ांव निवासी वृंदा गुप्ता (20) पुत्री जितेन्द्र गुप्ता, नई दिल्ली निवासी सताक्षी (18) पुत्री विकास गोयल, पुणे निवासी द्विवीता जोशी (18) पुत्री रतनदीप, दिल्ली निवासी रुद्रप्रतापसिंह (19) पुत्र विरेन्द्रसिंह, जयपुर निवासी प्रभव चतुर्वेदी (19) अभिषेक चतुर्वेदी, गुडग़ांव निवासी वासुदेव (19) पुत्र राजीव, नई दिल्ली निवासी आर्यन (22) पुत्र रोहित, मुम्बई निवासी वेद (21) पुत्र वरुण उपाध्याय, जोनपुर यूपी निवासी प्राचीकेत (19) पुत्र अतुल कुमार सिंह, जयपुर निवासी दक्ष पूनिया (19) पुत्र विजय पूनिया, नई दिल्ली निवासी कृष्ण (19) प्रकाश, लखनऊ निवासी मोहम्मद (20) पुत्र नजीबुल हुसैन, मुम्बई निवासी पियुष गुप्ता (21) पुत्र पंकज गुप्ता, जयपुर निवासी भानू (18) राजेन्द्र गुर्जर, उनाव निवासी कृष्णपाल (18) विनोदपाल, मुम्बई निवासी अग्रीम सोलंकी (20) पुत्र भारत सोलंकी, प्रयागराज निवासी विलक्षण (22) समरबहादुर, जैतारण निवासी संकल्प कुमावत (19) पुत्र श्रीकृष्ण कुमावत एवं अयोध्या निवासी गार्गी (21) पुत्री कपिल किशोर घायल हो गए। इनमें मोहम्मद, वेद व रुद्रप्रताप गंभीर घायल होने पर एम्बुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया, जबकि शेष की स्थिति ठीक होने पर रोडवेज की बस से जोधपुर भेजा गया।
दो हादसों में एक साथ सात जनों की मौत होने पर पुलिस ने सभी शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए। इसकी वजह से मोर्चरी छोटी पड़ गई। पहले बाराणी हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के बारी-बारी पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सुपुर्द किए गए। इसके बाद बस हादसे में जान गंवाने वाले आरव पिडा व आरुषि गुप्ता का पोस्टमार्टम करवाया गया। दिल्ली निवासी आरुषि के परिजन नागौर पहुंचकर शव ले गए, जबकि कोलकाता निवासी आरव के परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाकर शव जयपुर मंगवा लिया, वहां से वे हवाई जहाज से शव लेकर रवाना हुए। चैन्नई निवासी वी हर्षित का शव मोर्चरी में रखा है, उसके परिजन बुधवार को नागौर पहुंचेंगे, इसके बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
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Updated on:
12 Mar 2025, 10:18 AM IST
Published on:
12 Mar 2025, 10:17 AM IST
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