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वीडियो में देखिए, क्या है नागौर विधानसभा के चेंजमेकर साबिर हुसैन का विजन

https://www.patrika.com/nagaur-news/ - कृषि, पशुपालन, शिक्षा, चिकित्सा के साथ हो विधानसभा का समग्र विकास

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Changemaker Sabir husain

Nagaur Changemaker Sabir husain vision 2018-23

नगाौर. राजस्थान पत्रिका के महाअभियान चेंजमेकर में 33 हजार 653 वोट प्राप्त करने के बाद कांग्रेस के टिकट से दावेदारी करने वाले चेंजमेकर साबिर हुसैन स्वच्छ राजनीति के साथ नागौर विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर काफी बड़ा विजन रखते हैं। हुसैन कृषि, पशुपालन, पर्यावरण, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था एवं सड़कों की अच्छी स्थिति के पक्षधर हैं।
जानिए क्या हैं उनका विजन

कृषि विकास:
विधानसभा क्षेत्र की जनता की आय का मुख्य: स्त्रोत खेती है, जिसमें उत्पाद वृद्धि के लिए वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग कर इसके विपणन अर्थात उचित एमएसपी दर पर विक्रय के लिए केन्द्र नागौर मुख्यालय पर उपलब्ध करा आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाएगी। साथ ही किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए भारत सरकार द्वारा गठित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए भरपूर प्रयास किए जाएंगे।

शैक्षिक विकास:
मानव विकास का मूल शिक्षा में निहित होने से मूलभूत सुविधाओं युक्त विद्यालय, महाविद्यालय तथा रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा केन्द्र आवश्यक हैं, जिनका वर्तमान में अभाव है तथा शैक्षिक स्तर अत्यधिक न्यून स्थिति में है। शिक्षा केन्द्रों की उपलब्धता सहित निर्धारित मानदण्ड अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्य रहेगा। इस प्रयोजनार्थ सर्वप्रथम उपलब्ध सभी राजकीय शिक्षा केन्द्रों, विद्यालयों का उच्च स्तरीय संवर्धन कर उचित शैक्षिक वातावरण निर्मित कराया जाना प्राथमिकता रहेगी ।

विकसित चिकित्सा व्यवस्था
'पहला सुख निरोगी कायाÓ के लिए अत्यधिक कार्य करने की नितान्त आवश्यकता है, वर्तमान में जिला मुख्यालय अथवा समस्त विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों की स्थिति अत्यधिक खराब है, जिसके लिए जिला मुख्यालय पर स्थित 300 शय्याओं के जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय में मानदण्ड अनुसार सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ उचित संख्या में कुशल चिकित्सकों की उपलब्धता सर्वप्रथम लक्ष्य रहेगा। इसी प्रकार पुराने श्री रामदेव पित्ती चिकित्सालय को पूर्व की भांति सभी रोगोपचारयुक्त चिकित्सकों सहित संचालित कराना भी लक्ष्य रहेगा तथा सभी ग्रामों व कस्बों के प्रमुख मोहल्लों में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक चिकित्सा इकाइयां स्थापित कराई जाएंगी । जिले की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नागौर मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी नितान्त आवश्यक है, इस ओर भी गहनतापूर्वक प्रयास कर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

औद्योगिक विकास एवं रोजगार के अवसरों की उपलब्धता
वर्तमान में सम्पूर्ण भारतवर्ष में युवा शक्ति जनसंख्या की लगभग 60 प्रतिशत में उपलब्ध होने से रोजगार के अवसरों की उपलब्धता ज्वलनशील मुद्दा है, जिसके लिए जिले की खनिज सम्पदा व कृषि उत्पादों पर आधारित नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का प्रारम्भ कराने से निराकरण हो सकेगा। इसके लिए गोगेलाव के निकट रीको द्वारा नवीन प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को शीघ्र प्रारम्भ कराना लक्ष्य रहेगा। साथ ही बासनी रोड व बीकानेर रोड पर उपलब्ध पुराने औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों को संचालित रख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के उपक्रम किए जाएंगे। इसी प्रकार मूण्डवा में प्रस्तावित अम्बुजा सीमेंट प्लांट को अतिशीघ्र प्रारम्भ करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकतम रोजगार उपलब्धता क्रम में ही जिला मुख्यालय पर प्रतिवर्ष सेना भर्ती रैलियां, रोजगार मेले तथा हस्त औजार नगरी बसाने की व्यवस्था की जाएगी।

मूलभूत सुविधाएं यथा सड़क, बिजली व पानी की उपलब्धता
नागौर मुख्यालय सहित क्षेत्र के ग्रामों में सड़कों की स्थिति अत्यधिक दयनीय है, जिनके उचित मानकों में सड़कों का निर्माण किए जाने तथा शेष सुदूर ग्रामों/ढाणियों को भी सड़क सुविधायुक्त कराया जाना वांछनीय है। साथ ही निर्मित सड़कों को गुणवत्तापूर्वक रख रखाव की भी व्यवस्था की जाएगी। इसी प्रकार समग्र क्षेत्र में बिजली व पानी की उपलब्धता विशेषत: ग्रामों में अधिकतम समय तक कृषि व अकृषि प्रयोजनार्थ विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

कानून व्यवस्था एवं महिला सुरक्षा की सुनिश्चितता
विगत 5 वर्षों में नागौर मुख्यालय सहित क्षेत्र में अपराधियों द्वारा खुले आम फायरिंग, लूट, हत्या, चोरी सहित महिलाओं के विरूद्ध अत्याचारों में गुणात्मक वृद्धि होने से आमजन में भय का वातावरण व्याप्त है, जिसके लिए पुलिस बल में वृद्धि, मूलभूत सुविधाओंयुक्त पुलिस भवन, संयत्र अािद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ पुलिस विभाग की कार्यविधा में सुधार के लिए पूर्व में गठित आयोगों की रिपोर्ट अनुसार उत्तरदायित्वपूर्वक सेवाएं प्रदान करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। ताकि आमजन के मन में संस्कारित पुलिस भय की बजाय पुलिस मित्र की स्थितियां निर्मित किए जाने के लिए पूर्ण प्रयास किए जाएंगे, ताकि आमजन भयमुक्त होकर शांतिमय वातावरण में जीवन यापन कर सके। महिला सुरक्षा के लिए नवीन प्रस्तावित विधाओं को लागू करवाया जाकर भयमुक्त वातावरण निर्माण के उपक्रम किए जाएंगे।

स्वच्छ एवं निर्मल वातावरण निर्माण
शहरों व ग्रामीण बड़े कस्बों में नाली-नालों, सीवरेज तथा प्रतिदिन सड़कों व मार्गों की सफाई का नितान्त अभाव होने से अधिकांशत: सामयिक बीमारियों के प्रकोप से आमजन पीडि़त हो जाता है, जिसके लिए निरन्तर ऐसे स्थानों की सफाई व रखरखाव व्यवस्था की व्यवहारिक कार्य योजना की सुनिश्चितता की जाकर प्रतिदिन की प्रगति पर निगाह रखी जाकर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। साथ ही समय-समय पर इन पर किटाणुरोधी छिड़काव कराया जाकर वातावरण स्वच्छ एवं निर्मल बनाकर आमजन को स्वस्थ रखना सुनिश्चित किया जाएगा ।

सरल, इमानदार एवं पारदर्शी शासनिक सुविधाओं की उपलब्धता
वर्तमान में शासन व्यवस्था के प्रति आमजन के मन में भ्रष्ट आचरण की अवधारणा से अधिकारियों व कार्मिकों की छवि अत्यन्त नकारात्मक है, जो कि निश्चय ही असत्य नहीं हो सकती, इसके लिए आमजन व सामाजाकि संगठनों का सहयोग लिया जाकर विभागवार निगरानी व सहयोगात्मक समितियां गठित की जाकर कार्यकारियों को विधिनुरूप कार्य निष्पादन करने के लिए प्रेरित करने तथा अविधिक कार्यों के लिए कुख्यात माफियाओं को प्रतिबंधित करा भ्रष्टाचारमुक्त सरल व पारदर्शी सुशासन उपलब्ध कराया जाना मुख्य लक्ष्य रहेगा।

पर्यावरण
मानव जीवन की रक्षा एवं अस्तित्व के लिए निर्धारित मानदण्डानुरूप हरियाली व जंगली प्राणी अत्यावश्यक है, इसके लिए पर्यावरण विभाग द्वारा ल़िक्षत उपक्रम यथा पौधरोपण, तालाबों के निकट रीवर व्यु व जंगलों में पशु संरक्षण के कार्य किए जाएंगे ताकि पर्यावरण शुद्ध होकर मानव जीवन सुगम रह सके ।

पशुपालन एवं उनकी प्रगति
ग्रामीण आमजन व किसान की खेती के बाद रोजगार क्रम में पशुपालन वर्तमान समय की एटीएम सुविधानुरूप है, जो कि दुर्भाग्य से विगत 10-15 वर्षों में मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुकी है, जिसके लिए सरकारी तंत्र के साथ क्षेत्रीय राजनेताओं के लिए अत्यन्त अशोभनीय आचरण का प्रमाण है, मुख्यत: 3 वर्ष से छोटे गो-वंश परिवहन पर प्रतिबंध व ऊटों का राज्य के बाहर विक्रय प्रतिबन्ध होने से क्षेत्र के किसानों की आर्थिक बदहाली तो की, साथ ही विश्व प्रसिद्ध नागौरी बैल की नस्ल को समापन की ओर धकेल दिया। इसको पुरानी स्थिति में लाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि हमारी संस्कृति के आधार पशु मेले अपनी पुरानी आभा में आकर किसानों की आर्थिक प्रगति का आधार बन सकें ।

सांस्कृति धरोहरों की संरक्षा
क्षेत्र के आमजन की संस्कृति व विधाओं की पहचान प्राचीन तालाबों, बावडिय़ों, मैलों व मनोरंजन के क्रियाकलापों से परिलक्षित होती है, जिनकी वर्तमान में संरक्षा की स्थिति नगण्य होकर विलुप्त होने के कगार तक पहुंच चुकी है। ऐसी धरोंहरों की रक्षा व निरन्तर रखाव के लिए उत्तरदायी विभागों को अधिक संसाधन उपलब्ध करा जीवंत रखने के उपलक्रम किए जाएंगे। इसी प्रकार हमारे प्राचीन पशु व धार्मिक मेलों के दौरान विभिन्न खेल, नाटक, पशु प्रतियोगिताएं तथा तांगा-घोड़ा दौड़ जैसी विधाओं को स्थापित रख उनको परिष्कृत करने की व्यवस्था की जाएगी तथा हमारी धार्मिक सहिष्णुता व एकता की प्रतीक तांगा-दौड़ को पुन: प्रारम्भ करने के लिए राज्य सरकार स्तर से नवीन विधान बनाकर प्रारम्भ करवाया जाएगा।

सुदृढ़ व्यापार
क्षेत्र के विकास में सरल एवं बिना व्यवधान के व्यापार भी प्रमुख स्त्रोत है। सरल एवं समान कर प्रणाली तथा इंसपेक्टर राज से भयमुक्त रख इस क्षैत्र का सर्वांगीण विकास तथा अधिकतम वित्तपोषित संस्थाओं की उपलब्धता की भी सुनिश्चित की जाएगी। व्यापारी वर्ग से संकलित विक्रय व आयकर ही राज्य व राष्ट्र के विकास का आधार होता है, जिनका सम्मान भी नितांत आवश्यक है, के लिए भी ऐसे प्रयास किए जाएंगे ताकि स्वत: इमानदारीपूर्वक निर्विघ्न व्यापार संचालित होकर विकासोन्मुखी भयमुक्त वातवरण प्रतिपादित हो सके।