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नागौर. कोरोना वायरस के संक्रमण से फैली महामारी के संकटकाल में किसानों को खरीफ-2020 की बुआई के लिए बीज को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न आए, इसके लिए राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड (आरएसएससी) ने नागौर जिले में नेशनल फूड सिक्यूरिटी मिशन योजना के तहत मूंग का 1400 क्विंटल बीज अनुदान पर बेचने का लक्ष्य रखा है, वहीं 100 क्विंटल हाईब्रिड बाजरा सहित कुल 350 क्विंटल बीज एवं 1200 क्विंटल के मिनीकिट अनुदान पर देने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ज्वार एवं चवला का बीज भी अनुदान पर दिया जाएगा। आरएसएससी प्रबंधक के अनुसार यदि किसी विक्रेता को अधिक बीज चाहिए तो उसे बिना अनुदान के उपलब्ध कराया जाएगा।
गौरतलब है कि जिले में बाजरा बीज के डेढ़ किलो के 76 हजार 680 के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण भी किया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को संकटकाल में बीज को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
आरएसएससी के पास बीज की उपलब्धता
फसल - लक्ष्य - केवीएसएस/जीएसएस को वितरण
मूंग - 1400 - 535.4
बाजरा - 250 - 00
बाजरा हाईब्रिड - 100 - 00
ज्वार - 170 - 00
चवला - 150 - 00
बाजरा मिनीकिट - 1200 - 1140
(बीज की मात्रा क्विंटल में)
जानिए, किस बीज पर कितना मिलता है अनुदान
आरएसएससी द्वारा लक्ष्य के अनुसार मूंग, बाजरा सहित अन्य बीज खरीफ व रबी में अनुदान पर दुकानदारों को बेचा जाता है। इसमें मूंग की दस वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित समस्त किस्मों पर 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाता है। यानी इस बीज का कुल मूल्य 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल होता है, जिसमें से 5 हजार का अनुदान होने से किसानों को मात्र 60 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बीज उपलब्ध हो जाता है। इसी प्रकार 10 वर्ष से अधिक अवधि की अधिसूचित समस्त किस्मों पर 2500 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान मिलता है, जिसके चलते किसान को 85 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बीज उपलब्ध हो रहा है। यह बीज बेचने पर दुकानदार को पहले 8 प्रतिशत तथा बीज बेचने पर 2 प्रतिशत मिलाकर कुल 10 प्रतिशत कमिशन दिया जाता है। इसी प्रकार बाजरा की राज-171 किस्म पर 1500 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान होने से किसान को 3700 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बीज मिल रहा है। धनशक्ति किस्म पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान होने से यह बीज 4100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है। मूंगफली के बीज पर 4000 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान होने से किसान को 4500 रुपए प्रति क्विंटल बीज मिलता है। इसी प्रकार तिल, सोयाबीन, उड़द, मोठ, चवला, अरहर एवं ज्वार पर भी अलग अनुदान दिया जा रहा है।
बाजरा के 76,680 मिनीकिट वितरित
आरएसएससी की ओर से जिलेभर के सीमांत व लघु किसानों को बाजरा बीज नि:शुल्क वितरण करने के लिए 76 हजार 680 के मिनीकिट क्रय-विक्रय सहकारी समितियों (केवीएसएस) एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) को वितरिण किया जा चुका है।
जिले में बीज की कमी नहीं
हमने लक्ष्य के अनुसार जिले के पात्र किसानों को नि:शुल्क वितरण के लिए बाजरा बीज के 76,680 मिनीकिट केवीएसएस व जीएसएस को वितरित कर दिए हैं, जहां से किसानों को दिए जा रहे हैं। इसके साथ बाजरा, मूंग, ज्वार एवं चवला का बीज भी अनुदान पर किसानों को बेचा जाएगा, ताकि कोरोना के संकट काल में बुआई को लेकर परेशानी न आए। जिले में बीज को लेकर कोई कमी नहीं है।
- शिवजीराम मीणा, संयत्र प्रबंधक, आरएसएससी, नागौर
Updated on:
13 Jun 2020 11:09 am
Published on:
13 Jun 2020 11:07 am
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