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नन्हें हाथों ने आगे बढ़ पोंछे केरलवासियों के आंसू, यूं मदद कर जिंदा रखी इंसानियत

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नागौर

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Nidhi Mishra

Aug 20, 2018

Nagaur kids come forward to help Kerala flood victims

Nagaur kids come forward to help Kerala flood victims

नागौर। नागौर जिले के बढ़ी खाटू कस्बे के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद करते हुए एक-एक रुपया जमा कर वहां के सरकार के पेटीएम में पैसे डलवाएं। प्रधानाध्यापक भंवरलाल चोयल ने बताया कि सुबह प्रार्थना के बाद पत्रिका वाचन करते हुए बच्चों को वहां के हालात से अवगत करवाया। जिसको लेकर विद्यार्थियों ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। उन्होंने आर्थिक मदद का फैसला लिया और अपने अध्यापकों को पैसे जमा करवाए।

शिक्षकों की तरफ से नहीं था कोई दबाव
शिक्षकों ने कहा कि उनकी तरफ से छात्रों पर किसी प्रकार का कोई भी दबाव नहीं बनाया गया था। लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि स्कूल के विद्यार्थी ऐसे कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं।


केरल की बाढ़ में फंसे राजस्थानी
केरल में आई बाढ़ में जोधपुर, नागौर, सीकर के 15 लोग फंस गए हैं। दो मंजिला इमरात में फंसे 15 लोगों ने बताया कि राजस्थान के कई लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। प्रशासन व बचाव दल के फोन बंद होने के कारण उनकी मदद के लिए अभी तक कोई नहीं आया। ये लोग अब राजस्थान में परिजनों को फोन कर प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। सीकर के धोद में रहने वाले प्रतापसिंह (26) पुत्र सवाई सिंह ने बताया कि वह केरल के एरनेकुलम में चटाई बनाने का काम करता है। उसके साथ नागौर, सीकर, जोधपुर के करीब 14 लोग रहते हैं। एक महिने से यहां लगातार बारिश हो रही है, लेकिन पिछले तीन दिन से तेज बारिश के कारण चारों और पानी भर गया। उनके दो मंजिला मकान की एक मंजिल पानी में डूबी है। राशन खत्म हो चुका है।

मदद के लिए प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन को फोन लगाया लेकिन उनके फोन बंद आ रहे हैं। बिजली नहीं होने के कारण सभी के मोबाइल भी बंद हैं। केवल एक मोबाइल चल रहा है। इसीसे उन्होंने राजस्थान में रहने वाले परिजन को फोन कर प्रशासन से मदद मांगने के लिए कहा है। इसी पर उनकी आखिरी उम्मीद टिकी है। नागौर, सीकर के राजू सिंह, प्रताप सिंह, रामचंद्र, गोपाल सिंह, ओमाराम, लक्ष्मण, मनीष जाखड, राजू , नंदलाल, मनोज, अजय, चुनीलाल, राजन, सज्जन, विनोद और जोधपुर के निंबा निबंडी में रहने वाले प्रदीप बाढ़ में फंसे हुए हैं।