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वीडियो : नागौर की डेह रोड पर लापरवाही का स्मॉग

राष्ट्रीय राजमार्ग-65 की टूटी सड़क पर भारी वाहनों के साथ उड़ती है डस्ट, दुकानदारों के धंधे चौपट, वाहन चालकों का निकलना हुआ मुश्किल

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नागौर. दिल्ली में पिछले काफी दिनों से अंधाधुंध प्रदूषण के चलते जहरीले स्मॉग की चादर फैली हुई है, वहीं नागौर शहर के डेह रोड पर पिछले छह-सात महीने से लापरवाही की 'स्मॉगÓ ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। गंभीर बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद निस्तारण के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों के धंधे के साथ उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-65 की सड़क पूरी तरह टूटी होने से भारी वाहनों के साथ दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। अब तो स्थिति यह है कि लोग इस रोड पर जाने से भी कतराने लगे हैं। सड़क पर उडऩे वाली धूल से परेशान दुकानदार अब सुबह-शाम पानी डालकर समय निकाल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नागौर से सालासर तक हाइवे का पुनर्निर्माण करने का ठेका दिया जा चुका है और काम चल रहा है, लेकिन ठेकेदार शहर से जुड़ी सड़क का काम करने की बजाय आगे की रोड पहले तैयार कर रहा है। इसके चलते पिछले छह-सात माह से लोगों को परेशानी हो रही है।

दुकानदारों का धंध चौपट
पिछले काफी समय सड़क टूटी होने से डस्ट उड़ रही है, जिससे हमारे धंधे चौपट हो गए हैं। कोई भी ग्राहक इस तरफ आना नहीं चाहता। दिनभर डस्ट उडऩे से दुकानदारों को बीमारियां भी होने लगी हैं। अधिकारी भी सुध नहीं ले रहे।
- अशोक गहलोत , दुकानदार, डेह रोड, नागौर

छह माह से रोड टूटी हुई है, काम-धंधे पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। रोजाना पानी छिड़क-छिड़क कर काम चला रहे हैं।
- धर्माराम कच्छावा, निवासी, डेह रोड

पर्यावरण प्रदूषण की हदें पार
डेह रोड रोडवेज बस स्टैण्ड से पानी की टंकी तक बुरी तरह टूटी हुई है और यह स्थिति पिछले करीब छह-सात माह से है। इसको लेकर मैंने कलक्टर को भी दो बार लिखित में शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भारी वाहनों के साथ उडऩे वाली धूल एक ओर जहां मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, वहीं पर्यावरण के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है।
- हिम्मताराम भाम्भू, पर्यावरण प्रेमी, नागौर