
Chief Ministers orders have been blown away by ACB
नागौर. सीएम के आदेशेां की एसीबी ने नहीं मानी। आलम यह है कि २३ माह बीतने के बाद तक लगता है कि इन आदेशों की उसने ‘एबीसीडी’ नहीं पढ़ी है। नागौर शहर के बालवा रोड स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय कॉलोनी में मकानों के निर्माण कार्य में किए गए भ्रष्टाचार की जांच आज से ठीक 23 माह पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसीबी को सौंपी गई थी। भ्रष्टाचार की जांच तो दूर अब तक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। नतीजा यह है कि हजारों परिवार सरकार एवं अधिकारियों की लापरवाही का खमियाजा भुगत रहे हैं। निर्माण कार्य बंद होने से आवासीय कॉलोनी ने अब वीरान जंगल का रूप लेना शुरू कर दिया है, जहां रात को जाने से भी डर लगता है।
जांच में नहीं उतरे खरे
एसीबी ने नमूने लेकर एफएसएल जांच के लिए जयपुर भेजे, जो मानक स्तर पर खरे नहीं उतरे। निर्माण सामग्री निम्न गुणवत्ता की होने के कारण दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए करीब डेढ़ साल पहले नागौर एसीबी ने रिपोर्ट बनाकर जयपुर मुख्यालय भेजी। जहां से अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
8 जनों को बनाया था आरोपी
सेक्टर तीन से लिए गए 11 सैम्पल में हाउसिंग बोर्ड नागौर के तत्कालीन एक्सईएन सर्वेश शर्मा, एईएन एसएस साद, ठेकेदार जयनारायण गोदारा को आरोपी बनाकर रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी थी। इसी प्रकार सेक्टर 2 से लिए गए 4 सैम्पल में तत्कालीन आवासीय अभियंता पीएम डिंगरवाल व हाकमचंद पंवार, एईएन बाबूलाल मीणा, पीके माथुर व ठेकेदार जुगलसिंह को आरोपी मानते हुए प्रकरण दर्ज करने के लिए रिपोर्ट जयपुर भेजी।
चार अधिकारी हुए थे निलम्बित
मकानों के निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने का मामला मुख्यमंत्री के ध्यान में आने पर हाउसिंग बोर्ड ने नागौर में सेवाएं दे चुके एवं देने वाले चार अधिकारियों को 5 नवम्बर 2015 को निलम्बित किया था।
पत्रिका ने खोली थी पोल, सीएम ने दिए थे आदेश
आवासन मंडल की बालवा रोड स्थित 2016 मकानों की आवासीय कॉलोनी में किए जा रहे भ्रष्टाचार की पोल राजस्थान पत्रिका ने ‘रेत के मकानों में कैसे रहें हम’ समाचार अभियान के तहत सिलेसिलेवार समाचार प्रकाशित कर खोली थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री का नागौर दौरा हुआ और उन्होंने 29 अक्टूबर 2015 को खुद मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद करवाया और मौके से ही एसीबी जांच के आदेश दिए। एसीबी ने कॉलोनी के सेक्टर दो व तीन से निर्माण सामग्री के कुल 15 नमूने लिए थे।
तीन साल से चल रहा है मामला
हाउसिंग बोर्ड में घटिया निर्माण का एक अन्य मामला पिछले साढ़े 4 साल से एसीबी में चल रहा है। फरवरी 2013में आवासन मंडल के मकानों में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने आने पर एसीबी ने सेक्टर एक व 4 से 105 मकानों के सैम्पल लिए थे। हालांकि इस मामले में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई, लेकिन अभी तक चालान पेश नहीं हो पाया है।
फाइल जयपुर मुख्यालय में है
हाउसिंग बोर्ड में भ्रष्टाचार सम्बन्धी फाइल जयपुर मुख्यालय में है, जैसे ही उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलेंगे, आगे की कार्रवाई करेंगे।
जाकिर अख्तर, डीएसपी, एसीबी, नागौर
याद ही नहीं...
आप ऑफिस में बताइए, इस समय मेरे पास फाइल थोड़ी होगी। ऑफिस में फोन करो, मुझे याद थोड़े रहता है।
सचिन मित्तल, आईजी, एसीबी, नागौर
Published on:
02 Oct 2017 11:18 am
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