
नागौर. कृषि के क्षेत्र में आई क्रांति के चलते उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। अब किसान ज्यादातर फसलों में बुआई से लेकर फसल पकने तक उर्वरक एवं कीटनाशकों का बार-बार उपयोग करता है, वहीं उन्नत बीजों का उपयोग भी बढ़ा है। जिस प्रकार किसानों ने उन्नत बीज के साथ उर्वरक एवं कीटनाशकों का उपयोग बढ़ाया है, उसी अनुपात में जिले के शहरों एवं गांवों में खाद-बीज की दुकानों की संख्या बढ़ी है। इनमें कई ऐसे भी हैं जो किसानों को नकली खाद, बीज व उर्वरक बेचकर न केवल चांदी कूट रहे हैं, बल्कि फसल उत्पादन भी प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग की टीमें लगातार जिले में निरीक्षण कर बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों के नमूने लेती हैं, लेकिन कुछ लोग दुकानों में बेचने की बजाए वाहनों से गांव-गांव घूमकर भोले-भाले किसानों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
कृषि विभाग की टीमों की ओर से पिछले तीन साल में लिए गए कृषि आदानों के नमूनों में काफी संख्या में अमानक पाए गए हैं, जिनको लेकर कृषि विभाग ने सम्बन्धित न्यायालयों में आदान विक्रेताओं के खिलाफ वाद दायर किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि जिले में कपास फसल की बुआई का समय शुरू हो चुका है। साथ ही जल्दी मानसून की संभावना को देखते हुए अन्य खरीफ फसलों के बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में एवं गुणवत्तापूर्ण रखें, इसके निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ खरीदे गए आदान के संपूर्ण बिल वाउचर जैसे स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक व आदान परिसर पर मूल्य सूची अपडेट रखने के लिए भी कहा है।
गुण नियंत्रण की वर्ष वार रिपोर्ट
बीज
वर्ष - आहरित - मानक - अमानक
2021-22 - 162 - 155 - 7
2022-23 - 165 - 160 - 5
2023-24 - 131 - 127 - 4
कुल - 450 - 442 - 16
उर्वरक
वर्ष - आहरित - मानक - अमानक
2021-22 - 107 - 98 - 9
2022-23 - 111 - 104 - 7
2023-24 - 121 - 113 - 8
कुल - 339 - 315 - 24
कीटनाशक
वर्ष - आहरित - मानक - अमानक
2021-22 - 91 - 88 - 3
2022-23 - 66 - 62 - 4
2023-24 - 69 - 67 - 2
कुल - 226 - 217 - 9
पत्रिका व्यू... किसान बनें जागरूक
जिस प्रकार खाद्य पदार्थों में मिलावटखोर मिलावट कर रहे हैं, उसी प्रकार अब कृषि क्षेत्र में भी नकली खाद, बीज व कीटनाशक बेचे जा रहे हैं, जो फसल को फायदा करने की बजाए उल्टा नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए किसानों को जागरूक होने की आवश्यकता है। किसी प्रकार का बीज, खाद या कीटनाशक खरीदते समय किसान को पका बिल अवश्य लेना चाहिए, जिस पर आदान का पूरा नाम, निर्माण तिथि, अवधि पार तिथि व उसका लॉट नंबर अवश्य लिखा हुआ हो। किसान खुद भी बिल पर हस्ताक्षर करें। जिले में यदि कहीं पर घर-घर या गांव-गांव जाकर नकली बीज, दवाई एवं उर्वरक बेचते हुए कोई व्यक्ति नजर आता है तो उसकी सूचना कृषि विभाग को तुरंत दें, ताकि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके और नकली आदानों पर अंकुश लगाया जा सके। जिले में खरीफ सीजन की बुआई शुरू हो चुकी है, ऐसे में किसानों को जागरूक रहने की आवश्यकता है।
अधिकृत विक्रेता से खदीदें आदान, पका बिल जरूर लें
सबसे पहले तो किसानों को किसी भी प्रकार का बीज, कीटनाशक एवं उर्वरक ऑनलाइन नहीं खरीदना चाहिए। क्योंकि ऑनलाइन खरीद एवं गांवों में घूम-घूम कर बेचने वाले लोगों की ओर से नकली बीज, दवाई एवं उर्वरक देने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके साथ कोई भी बीज, दवा या उर्वरक खरीदने से पहले किसान कृषि विभाग के कृषि विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। अधिकृत विक्रेता से आदान खरीदें तथा पका बिल जरूर लें।
- शंकरराम सियाक, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, नागौर
आदान विक्रेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
पिछले तीन वर्षों में बीज के कुल 458 नमूने लिए गए, जिनमें 442 मानक व 16 नमूने अमानक पाए गए। उर्वरक के कुल 339 में से 315 मानक व 24 अमानक पाए गए। इसी प्रकार कीटनाशक के कुल 226 नमूने लिए गए, जिनमें 217 मानक व 9 अमानक पाए गए। अमानक पाए गए नमूनों वाले आदान विक्रेताओं के खिलाफ सम्बन्धित न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं।
- हरीश मेहरा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, नागौर
Published on:
13 Jun 2024 11:16 am
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