
नागौर में आखिर ऐसा क्या हुआ कि लोग घरों में दुबककर बैठने को हो गए मजबूर
राजस्थान के नागौर शहर में कई वार्डों में लोगों का घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल, चार बार शिकायत के बाद भी हाल जस के तस
नागौर. मानसून से पहले नालों की सफाई के तमाम दावों के बावजूद शहर में छोटे-बड़े नालों की सफाई नहीं होने से शहर के वाशिंदे बदबू व सड़ाध के बीच रहने को मजबूर है। शहर के चार वार्डों की सीमा से निकलने वाला नाला वार्डों के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। नगर परिषद आयुक्त को लिखित में अवगत कराने व मौखिक रूप से जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आलम यह है कि क्षतिग्रस्त नाले का गंदा पानी घरों में घुसने से लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल सकते और उनका जीना मुश्किल हो गया है।
कचरा भीतर, पानी बाहर
वार्ड संख्या 21 के पार्षद शराफत खान ने बताया कि 18, 19,20 व 21 नम्बर वार्ड के बीच से गुजरने वाला कोली भगतों का मोहल्ला से लाडा रोड तक नाला कचरे से अटा पड़ा है। सफाई नहीं होने से नाले का पानी ऑवरफ्लो होकर बाहर निकल रहा है। गत 5 जुलाई को नगर परिषद आयुक्त को लिखित में अवगत करवाया व कई बार मौखिक रूप से भी बात की लेकिन आज तक नाले की सफाई नहीं हुई। कुछ जगह जेसीबी से नाले की सफाई करने के चलते नाला क्षतिग्रस्त भी हो गया लेकिन नगर परिषद द्वारा इसकी मरम्मत नहीं करवाने से गंदा पानी मकानों की नीवों में जा रहा है। पार्षद का कहना है कि इस नाले की सफाई का ठेका होने के बावजूद सफाई नहीं की जा रही है।
बैठक में जताई थी नाराजगी
गौरतलब है कि शहर में नालों की सफाई को लेकर नाराजगी जताते हुए आयुक्त प्रभातीलाल जाट ने नगर परिषद की बोर्ड बैठक में सख्त निर्देश दिए थे कि समय पर नालों की सफाई नहीं करने पर ठेकेदार को ब्लेक लिस्ट कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ठेकेदार की ओर से काम नहीं करने पर नगर परिषद ने अपने स्तर पर जेसीबी से नालों की सफाई का कार्य शुरू करवाया था लेकिन अभी तक नालों की सफाई नहीं होने से लोग परेशान है। नगर परिषद ने शहर में छोटे-बड़े 25 नालों की सफाई का टेंडर निकाला था लेकिन बारिश की दस्तक के बावजूद सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया।

Updated on:
25 Jul 2018 07:35 pm
Published on:
25 Jul 2018 07:09 pm
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