
खींवसर. देश की शासन व्यवस्था बनाने में 50 प्रतिशत भूमिका निभाने वाली महिलाओं ने गुरुवार को भ्रष्ट एवं आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले नेताओं को सत्ता से किनारा करवाने एवं भविष्य में ईमानदार और विकासशील व्यक्ति को सत्ता की बागडोर सौंपने का संकल्प लिया। मौका था राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर महाभियान को लेकर स्वच्छ करें राजनीति विषय पर खींवसर के अटल सेवा केन्द्र पर आयोजित महिलाओं की परिचर्चा कार्यक्रम का। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने महाभियान में विशेष भूमिका निभाकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर देश प्रदेश में स्वच्छ राजनीति की स्थापना करने का संकल्प लिया।
राजनीति में असामाजिक तत्वों एवं भ्रष्ट नेताओं का प्रवेश
सरपंच सरोज भाटी ने कहा कि राजनीति में जागरूक होकर हस्तक्षेप नहीं करने से राजनीति में असामाजिक तत्वों एवं भ्रष्ट नेताओं का प्रवेश बढ़ गया है। इससे विकास अवरूद्ध होने के साथ गन्दी राजनीति के चलते जनता परेशान है। इस बार चुनाव में ईमानदार एवं सेवादार लोगों को वोट दिया जाए, ताकि सुशासन आए। सरपंच भाटी ने कहा कि हम केवल वोट देने तक ही सीमित है। इस कारण हमें अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी नेताओं से झगड़े करने पड़ते हैं। स्वच्छ राजनीति की स्थापना के लिए ईमानदार नेता का निर्वाचन जरूरी है, ताकि उन्हें बिना किसी गुहार के विकास मिले।
महिलाएं अपना अधिकार पहचाने
पूजा मुन्दड़ा ने कहा कि मौजूद स्थिति में अपराधियों एवं भ्रष्ट लोगों ने राजनीति में कब्जा कर लिया है। इस कारण हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। इस दौरान भारत विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाएं वैसे तो हर क्षेत्र में अग्रणी रही है लेकिन राजनीति में सक्रिय नहीं होने के कारण अपराधी एवं भ्रष्ट लोग विभिन्न पदों पर निर्वाचित हो जाते हैं। हमें किसी दल का विरोध या समर्थन करने की बजाए जागरूक होकर राजनीति में अपनी भूमिका निभानी है, ताकि देश में स्वच्छ राजनीति की स्थापना हो सके। सामाजिक कार्यकर्ता साजिदा ने कहा कि महिलाएं अपना अधिकार पहचाने। लोकतंत्र व्यवस्था बनाने में अपनी आधी भागीदारी निभाने वाली महिलाएं अगर सक्रिय होकर नेता चुनेगी तो देश अपराध एवं भ्रष्टाचार से मुक्त हो जाएगा। इसके लिए महिलाओं को राजस्थान पत्रिका के इस महाभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
महिलाओं को दिलाए संकल्प
कार्यक्रम में अधिवक्ता लालसिंह राठौड़ ने कहा कि गन्दी राजनीति का नाम लेकर हमें भागना नहीं चाहिए। बल्कि अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए, ताकि भ्रष्ट व आपराधिक लोगों का स्वत: ही राजनीति से खात्मा हो जाए। इस दौरान महिलाओं को तीन संकल्प दिलाए गए। अधिवक्ता राठौड़ ने संकल्प दिलाने के पश्चात ऐप के माध्यम से चैंजमेकर और वॉलन्टीयर के रजिस्ट्रेशन की विस्तार से जानकारी दी। संचालन ग्राम विकास अधिकारी हरभजनसिंह ने किया। कार्यक्रम में हारून कुरैशी, ओमप्रकाश मेघवाल, कैलाश पण्डित, ताराचन्द भार्गव ने भी विचार व्यक्त किए।
जायल. ग्राम पंचायत स्थित अटल सेवा केन्द्र पर गुरुवार को राजस्थान पत्रिका के राजनीति में बदलाव को लेकर चलाए जा रहे चेंजमेकर्स अभियान के तहत आयोजित महिलाओं की बैठक में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
सरपंच सुनीता खटीक ने कहा कि राजनीति को कोसने के बजाय हमें सक्रिय होकर अच्छे लोगों को राजनीति में आगे लाना होगा। धर्म, सम्प्रदाय, भाई भतीजावाद को त्यागकर हमें अच्छे ईमानदार व सेवाभावी लोगों को राजनीति में सपोर्ट करना चाहिए। जरूरी नहीं कि हम खुद चुनाव लड़े, लेकिन अच्छे या बुरे की परीक्षा कर मतदान तो कर ही सकते हैं।
राजनीति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
चेंजमेकर सुरेन्द्र पंवार ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि राजनीति में महिला वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। बदलाव के लिए किसी को टोकने के बजाय स्वयं को पहल करनी होती है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी की मूल भावना को समझकर मतदान करें तो बाद में पछताना नहीं पड़ता है। अधिकांश लोग येन केन प्रकरण धन कमाने के उद्देश्य से चुनाव लड़ते हैं। चुनाव जीतते ही भू माफिया व भ्रष्ट आचरण वाले लोगों के साथ मिलकर आमजन को फायदा पहुंचाने के बजाय लूटना शुरू कर देते हैं। पांच वर्ष बाद हम फिर बदलाव लाते है लेकिन वैसा ही नया चेहरा पैदा हो जाता है। सर्व ब्राह्मण महासभा की जिलाध्यक्ष राजबाला चतुर्वेदी, मुमताज, कान्ता पारीक, सुलोचना, भंवरीदेवी सहित महिलाओं ने राजनीति में बदलाव को लेकर विचार व्यक्त किए। इस दौरान उपस्थित 47 महिला संभागियों ने राजनीति में शुद्धिकरण को लेकर संकल्प लिया।
Published on:
01 Jun 2018 07:09 pm
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