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नियम-कायदे ठेंगे पर रख चांदी कूट रहा है बजरी खनन माफिया

कलक्टर कई बार दे चुके राजस्व अधिकारियों को निर्देश, खनन माफिया ने खोद दी सरकारी भूमि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से खनन माफिया के हौसले बुलंद
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Alniyawas news

नियम-कायदे ठेंगे पर रख चांदी कूट रहा है बजरी खनन माफिया

आलनियावास/नागौर. बजरी खनन पर न्यायालय की रोक के बावजूद जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में पिछले लम्बे समय से अवैध बजरी खनन हो रहा है। जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम द्वारा समय-समय जारी सख्त निर्देशों एवं शासन सचिवालय की ओर से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन करने के बावजूद क्षेत्र में सरकारी भूमि को खोखला करने का काम अनवरत जारी है। रियां उपखण्ड क्षेत्र में अवैध बजरी का कारोबार दिनों-दिन तेजी से फैल रहा है। रोजाना सैकड़ों ट्रक अवैध बजरी से भरकर यहां से गुजरते हैं। पुलिस एवं प्रशासन की अनदेखी कहें या उदासीनता, खनन माफिया के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अब तो ग्रामीण क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अवैध बजरी खनन करने खनन माफिया ने वन क्षेत्र की जमीन पर अवैध रूप से ग्रेवल सडक़ का निर्माण भी कर डाला है।

शिकायत की अनदेखी
सरकारी भूमि पर अवैध बजरी खनन के खिलाफ ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा में प्रस्ताव लेकर उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को कई बार लिखित में शिकायत दी है, इसके बावजूद गोचर, पड़त, गैर मुमकिन भूमि सहित नदी-नालों में अवैध बजरी का खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। सरपंच ने तो थांवला पुलिस को नामजद रिपोर्ट देकर कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस टस से मस नहीं हुई है।

राजस्व चोरी बढ़ी, पर्यावरण की दुर्दशा
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिना एनजीटी की स्वीकृति के बजरी खनन पर रोक लगा रखी है, लेकिन पुलिस व प्रशासन की अनदेखी के चलते सरकारी भूमि पर अवैध बजरी खनन को रातभर अंजाम दिया जा रहा है। वन क्षेत्र को खनन माफिया ने तहस-नहस करके रख दिया है, वहीं सरकार को अवैध बजरी खनन से प्रतिदिन लाखों रुपए की राजस्व हानि हो रही है।

केवल आदेश जारी होते हैं, कार्रवाई नहीं
रियां बड़ी उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों की शिकायत के बाद अवैध बजरी खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश तो जारी होते हैं, लेकिन मौके पर आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हल्का पटवारी व भू-अभिलेख निरीक्षक द्वारा मौका रिपोर्ट बनाकर कई बार अवैध खनन को सही माना है, लेकिन इसके बावजूद तहसीलदार द्वारा अवैध बजरी खनन को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि खनन माफिया द्वारा बार-बार हमला करने से अब पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी डरने भी लगे हैं।

सूचना के बाद भी नहीं पहुंचती पुलिस
अवैध बजरी से भरे ट्रक व डम्पर रात के समय रियांबड़ी तहसील कार्यालय के सामने से सथाना, डोडियाना होते हुए हाईवे पर चढ़ जाते हैं। यह क्षेत्र पादूकलां थाने के हल्के में आता है। ग्रामीणों की मानें तो पुलिस को कई बार शिकायत की गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते अवैध बजरी से भरे डम्पर रात भर सरपट दौड़ रहे हैं। इस मामले में थांवला थाने के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने अजमेर रेंज आईजी को भी शिकायत की है, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रुकवाया अवैध खनन, प्रशासन ने नहीं की कार्रवाईगत दिनों आलनियावास से रियां मार्ग पर सरपंच नवरतन चौधरी, उपसरपंच जुगराज बाबरी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने मौके पर जाकर अवैध खनन रुकवाया और प्रशासन को कार्रवाई के लिए सूचना दी, लेकिन अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर ही नहीं पहुंचे।

जल्द लेंगे एक्शन
रियांबड़ी क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए हर बार राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं। गत दिनों कई बार कार्रवाई भी करवाई है। मैं खुद भी मौके पर जाकर आया हूं। यदि अब भी अवैध खनन हो रहा है तो जल्द ही कार्रवाई करेंगे।
कुमारपाल गौतम, जिला कलक्टर, नागौर