
अपराध करने के बाद मध्यप्रदेश से फरार चल रहे डेढ़ दर्जन बदमाशों की तलाश तेज हो गई है। ये सभी नागौर जिले के रहने वाले हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस बाबत पत्र मिला है, जिसमें इन बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।
नागौर. अपराध करने के बाद मध्यप्रदेश से फरार चल रहे डेढ़ दर्जन बदमाशों की तलाश तेज हो गई है। ये सभी नागौर जिले के रहने वाले हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस बाबत पत्र मिला है, जिसमें इन बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के चलते बदमाशों पर लगाम कसना तेज हुआ है।
सूत्रों के अनुसार राज्य के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने इस संबंध में नागौर पुलिस को व्यापक दिशा-निर्देश दिए हैं। ये सभी अपराधी मूलत: नागौर जिले के रहने वाले हैं, जो कि मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में आपराधिक वारदात कर चुके हैं। इनमें हत्या/बलात्कार समेत अन्य अपराध भी शामिल हैं। मध्यप्रदेश पुलिस व सरकार की ओर से भेजे गए पत्र में इन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा गया है। अब नागौर पुलिस इनकी तलाश करेगी।
सूत्र बताते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सात राज्यों में आपराधिक वारदात कर फरार हो चुके नागौर के बदमाशों को तलाशने को लेकर नागौर पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ने वाली है। पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली में अपराध करने वाले फरारी नागौर के बदमाशों को तलाशने का जिम्मा भी यहां की पुलिस पर आने वाला है।
यही नहीं नागौर जिले में अपराध कर दूसरे राज्य के शहर व गांव में रहने वाले अपराधी/भगौड़े हो या फिर यहां के थानों में आपराधिक मामलों में दर्ज राजस्थान के अन्य शहरों के शातिर, सबको गिरफ्तार कर पाबंद करने के लिए भी सभी राज्य के डीजीपी व राजस्थान के सभी जिला एसपी को अलग पत्र जारी हो चुका है। देश के अन्य राज्यों में 67 भगौड़े समेत 526 तो राज्य के अन्य जिलों में 603 बदमाशों की धरपकड़ व निगरानी शुरू हो गई है। नागौर एसपी राममूर्ति जोशी की ओर से इन सभी 1129 बदमाशों की गिरफ्तारी/डिटेन कार्रवाई के लिए संबंधित राज्यों के डीजीपी के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों के एसपी को जानकारी भेजी हैं गई। इसमें उद्घोषित अपराधी/भगौड़े के साथ स्थाई वारंटी का ब्योरा भेजा गया है।
नागौर जिले में अपराध करने वाले सर्वाधिक बदमाश यूपी के
सूत्र बताते हैं कि नागौर जिले में वारदात करने के बाद अन्य राज्यों में वांछित अपराधियों की फेहरिस्त में सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के 107 हैं , जबकि पंजाब के सौ, हरियाणा के 88 तो मध्यप्रदेश के 67 हैं। इसके अलावा गुजरात के 28, महाराष्ट्र के 25, बिहार के 23, पश्चिम बंगाल के 21 तो दिल्ली के बीस हैं। अन्य राज्य के बदमाशों की संख्या इक्का-दुक्का है। इन राज्यों के डीजीपी को पत्र भेजकर नागौर एसपी जोशी ने एहतियात के तौर पर इनकी निगरानी/पाबंदी के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
इन पर भी नजर पूरी
नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले में इस समय करीब 409 हिस्ट्रीशीटर हैं । इतने ही वो बदमाश भी हैं जिनका आपराधिक रेकॉर्ड भले ही गंभीर ना हो पर चुनाव के दौरान अवांछनीय गतिविधियों में शामिल रहते हैं, इससे अशांति/झगड़े होने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अपने स्तर पर इसकी कवायद की जा रही है। नागौर पुलिस पुराने बदमाश के साथ राजनीतिक पार्टी अथवा नेताओं के इर्द-गिर्द रहने वालों की भी कुण्डली खंगाल रही है जो कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए घातक हो सकते हैं।
राज्यभर में सर्वाधिक सीकर के
जानकारी के अनुसार राज्य के सभी जिलों में नागौर के भीतर आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की संख्या 603 है, इनमें सर्वाधिक सीकर के 83 हैं। अजमेर के 56, जबकि चूरू के 51 हैं। बीकानेर के 40 तो जयपुर के 34 बदमाशों को एहतियातन गिरफ्तार करने अथवा पाबंद करने के साथ पूरी निगरानी के लिए कहा गया है। चुनाव के समय इन बदमाशों के सक्रिय होने, राजनीतिक दल/प्रत्याशी अपने समर्थन में इनके दुरुपयोग की आशंका के कारण पुलिस ने इनको पाबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है।
Published on:
03 Oct 2023 09:16 pm
