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विवाहिता को सांप ने डसा तो भोपा के पास ले गए परिजन, छह घंटे बाद अस्पताल पहुंचे, मौत

मूण्डवा थाना क्षेत्र के ईनाणा गांव का मामला

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नागौर. जिले के मूण्डवा थाना क्षेत्र के ईनाणा गांव में शनिवार रात को एक विवाहिता को सांप ने डस (काट) लिया। परिजनों ने विवाहिता को अस्पताल ले जाने में देरी कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 36 वर्षीय विवाहिता किरण को शनिवार रात करीब 9 बजे सांप ने डस लिया। इसके बाद परिजन उसे भडाणा गांव में भोपा के पास ले गए, जहां करीब चार-पांच घंटे तक झाड़-फूंक चलता रहा जब सुधार नहीं हुआ तो रात करीब 3 बजे विवाहिता को लेकर जेएलएन अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

पीहर पक्ष ने जताया विरोध

पुलिस ने बताया कि विवाहिता का पीहर चूंटीसरा में है। उसकी मौत की सूचना जब पीहर वालों को मिली तो काफी संख्या में ग्रामीण जेएलएन अस्पताल पहुंच गए। पहले तो उन्होंने हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद वे मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने पर राजी हो गए। इसके बाद गठित किए गए मेडिकल बोर्ड ने मृतका का पोस्टमार्टम किया और पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

सर्फ दंश से घबराएं नहीं, सीधे पहुंचें अस्पताल

पुराने समय में जब सांप के काटने की बात सुनकर ही सिहरन दौड़ जाती थी, कई लोग बिना इलाज के ही मर जाते थे। लोगों को यह मालूम ही नहीं था कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। अब सर्प दंश से जान बचाने की पहली व अनिवार्य शर्त है समय पर सही इलाज। सांप के जहर का एक मात्र उपचार एंटी स्नेक वेनॉम इन्जेक्शन है।

डर और नासमझी से होती है मौत

चिकित्सकों का कहना है कि कई बार देखा जाता है कि सांप के काटने से व्यक्ति के अंदर मौत का डर समा जाता है और बिना जहर के यानि कार्डियक अरेस्ट से मौत हो जाती है। इसलिए सांप काटे तो बिल्कुल चिंता नहीं करनी चाहिए और सीधा अस्पताल पहुंचना चाहिए। यदि पीडि़त को दो-तीन घंटे में अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसे बचाया जा सकता है। सांप काटने पर रोगी की हिम्मत बढ़ाएं और उसे सोने न दें।

झाड़ फूंक न कराएं

विशेषज्ञों का कहना है कि सांप काटने से डरे नहीं। भाग दौड़ न करें, इससे रक्त संचार तेज हो जाता है और विष तेजी से फैलता है। झाड़ फूंक न कराएं और तुंरत अस्पताल जाएं। उपचार में लापरवाही न बरतें। बारिश के मौसम में जमीन पर न सोएं।

समय पर उपचार से बचाई जा सकती है जान

सांप दो प्रकार के होते हैं, क्रेट व कोबरा ही ऐसे सांप हैं, जिसके काटने के दो-चार घंटे तक यदि इंजेक्शन नहीं लगे तो शरीर में जहर फैल जाता है और मरीज की सांस बंद हो जाती है। दूसरे वाइपर सांप होते हैं, जिनका जहर शरीर में फैलने में पांच-छह दिन लगते हैं। चाहे कितना ही जहरीला सांप हो, यदि मरीज को समय पर अस्पताल लाया जाए तो उसकी जान आसानी से बचाई जा सकती है। पिछले 15-20 दिन में करीब आधा दर्जन केस कोबरा काटने के आए हैं और सभी स्वस्थ होकर घर गए हैं।- डॉ. प्रहलाद ढाका, फिजिशियन, जेएलएन अस्पताल, नागौर