
SriGanganagar डीजे की धुनों पर नाचते गाते निकाली गणपति बप्पा की विसर्जन यात्रा
नागौर. गणेश चतुर्थी पर शुरू हुआ दस दिवसीय गणेश महोत्सव अनंत चर्तुदशी पर शुक्रवार को समाप्त हुआ। इस दौरान शहर के विभिन्न पंडालों में विराजित गणपति की प्रतिमा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शोभायात्रा के रूप में गाजे-बाजे के बीच में विभिन्न मार्गों से निकली। बाद में इसका जलाशयों में मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन हुआ। विसर्जन शोभायात्रा के दौरान शहर की लगभग सभी सडक़ों पर गणपति के जयघोष के स्वर गूंजते रहे। भजनों के साथ झूमते, नाचते व गाते चल रहे श्रद्धालुओं की आस्था के रंग में पूरा शहर डूबा नजर आया। हर ओर गणपति बप्पा मोरया का नाद ही गूंजता रहा। सडक़ों पर कई जगह लाल फूलों की चादरें बिछी नजर आई। सुरक्षा के प्रबन्ध तो किए गए थे, लेकिन तालाबों व इसके आसपास सफाई नहीं होने से भक्तों में असंतोष रहा।
गाजे-बाजे के साथ गणपति की विसर्जन शोभायात्र निकली तो पूरा शहर शुक्रवार को गणपति के रंग में रंगा नजर आया। शहर के हाथी का चौक, चांदीवाड़ा, बाजरवाड़ा, काजियों का चौक, सदर बाजार, प्रतापसागर कॉलोनी, मच्छियों का चौक एवं मेड़ताबाड़ी आदि में विराजित गणपति को मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। विसर्जन के लिए ले जाते समय सडक़ श्रद्धालू रंग एवं गुलाल के साथ पूरे रास्ते गणपति के भजन कीर्तन करते हुए चल रहे थे। कई जगहों से शाम को एक साथ निकली शोभायात्रा से शहर के लगभग सभी चौराहे व्यस्त नजर आए। शोभयात्रा में नाचती, गाती एवं झूमती चल रही युवतियों के साथ गूंजते जयघोषों के नाद से वातावरण बदला सा नजर आया। हर ओर गाजे-बाजे के साथ झूमते, गाते एवं नाचते चल रहे श्रद्धालू ही नजर आ रहे थे। कई जगहों पर शोभयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। इसे शहर के पुराना अस्पताल रोड, सदर बाजार, बाजरवाड़ा एवं किले की ढाल एरिया क्षेत्र की सडक़ों पर फूलों की चादर बिछी नजर आई। एक साथ कई जगहों से विराजित गणपति को श्रद्धालू लाल सागर, बड़ली बावड़ी, प्रतापसागर, गिनाणी तालाब, हाउसिंग बोर्ड के पास बावड़ी में लेकर पहुंचे तो गणपति के जयघोषों के साथ मंत्रो के स्वरों के बीच गणपति को अलविदा करते हुए भाव-विभोर नजर आए। इसके पश्चात गणपति का विसर्जन किया गया। इस दौरान तालाबों एवं बावडिय़ों के आसपास का पूरा क्षेत्र श्रद्धामय बना नजर आया।
साफ-सफाई नहीं होने से हुई मुश्किल
प्रशासन की ओर से गणपति विसर्जन के दौरान तालाबों एवं बावडिय़ों की साफ-सफाई नहीं कराए जाने से इनमें असंतोष रहा। कई जगहों पर गंदगी की वजह से लोगों को काफी दिक्कतें हुई। तालाबों के किनारे फैली गंदगी के कारण दुर्गन्ध के बीच पहुंचे श्रद्धालू जिम्मेदारों को कोसते नजर आए।
Updated on:
09 Sept 2022 11:16 pm
Published on:
09 Sept 2022 10:54 pm
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
