
नागौर. नागौर जिले में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए करीब सात साल पहले तीन पर्यटक परिपथ (सर्किट) के प्रस्ताव तैयार किए गए थे, लेकिन उच्चाधिकारियों की उदासीनता के चलते यह योजना कागजों में ही दफन हो गई। परिणाम यह हुआ कि आज भी नागौर के पर्यटन स्थल पर्यटकों की बाट जोह रहे हैं।
जानकारी के अनुसर 22 सितम्बर 2017 को पर्यटन विभाग अजमेर के तत्कालीन उप निदेशक ने पर्यटन विभाग जयपुर के निदेशक को पत्र लिखा, जिसमें नागौर जिले में तीन पर्यटक परिपथ तैयार करने के लिए प्रस्ताव भेजे थे। उप निदेशक ने पत्र में बताया कि नागौर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2017 को आयोजित जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में लिए गए निर्णयानुसार नागौर जिले में पर्यटन को विकसित किए जाने के लिए अजमेर-पुष्कर से पर्यटक परिपथ तैयार किए जाने के लिए अजमेर-नागौर के पर्यटक परिपथ के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनकी स्वीकृति जारी की जाए।
इन पर्यटक परिपथ के प्रस्ताव बने
पहला - अजमेर-पुष्कर-थांवला-मेड़ता सिटी-रेन-बुटाटी-नागौर-बीकानेर
दूसरा - अजमेर-पुष्कर-थांवला-भंवाल-जसनगर-मेड़तासिटी-मेड़ता रोड-मूण्डवा-नागौर-खींवसर-पांचला सिद्धा-जोधपुर
तीसरा - अजमेर-किशनगढ़-कुचामन-डीडवाना-लाडनूं-खाटू-गोठ मांगलोद-नागौर
नहीं हुई सलाहकार फर्म की नियुक्ति
इसके साथ ही उपनिदेशक ने लिखा कि यह परिपथ नागौर के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित किए गए हैं। इसलिए इन परिपथ में आने वाले स्थलों के संरक्षण, जीर्णोद्धार, विकास व आधारभूत सुविधाओं संबंधी विस्तृत प्रस्ताव एवं परियोजना तैयार किए जाने के लिए सलाहकार फर्म की नियुक्ति किए जाने की स्वीकृति दी जाए। लेकिन आज तक न तो सलाहकार फर्म की नियुक्ति हुई और न ही बजट दिया गया।
इनकी भी हुई थी बातें, लेकिन धरातल पर नहीं उतर पाई
नागौर व डीडवाना-कुचामन जिले के सांभर व डीडवाना लेक पर बर्ड टूरिज्म, रोटू व गोगेलाव में इको टूरिज्म, डीडवाना, कुचामन व परबतसर क्षेत्र में हैरिटेज टूरिज्म तथा खरनाल, गोठ मांगलोद, पींपासर व मेड़ता को प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर काम करने को लेकर जिला पर्यटन विकास समिति की बैठकों में कई बार चर्चा हुई, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
नागौर को मिले एटीओ
नागौर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 20 साल पहले स्वीकृत सहायक पर्यटन अधिकारी (एटीओ) कार्यालय में अब तक एक बार भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई भर्ती होने के बाद ही नियुक्ति संभव है। जिले के जनप्रतिनिधि एवं दोनों मंत्री इस दिशा में प्रयास करें तो एटीओ की नियुक्ति हो सकती है।
जवाब नहीं आया
राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वापस कोई जवाब नहीं आया।
- अजय शर्मा, उप निदेशक, पर्यटन विभाग, अजमेर
Updated on:
15 Jun 2024 04:16 pm
Published on:
15 Jun 2024 10:35 am
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
