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व्यवस्था और सत्ता परिवर्तन की हुंकार

सीकर में आयोजित हुंकार रैली में भाजपा व कांग्रेस पर जमकर बरसे खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 11 Jun 2018, 12:13 PM IST

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नागौर. समर्थकों की ओर से भेंट तीर कमान से निशाना साधते बेनीवाल

दस से अधिक जिलों से हजारों समर्थक पहुंचे रैली में, पीएम मोदी व राहुल गांधी पर भी कसा तंज, जाट, मुस्लिम, माली व दलित के जेएमएम मोर्चे को बताया विकल्प
सीकर/नागौर. खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल भाजपा व कांग्रेस पर जमकर बरसे। कांग्रेस व भाजपा को एक दूसरे की पूरक बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर व दलित को न्याय दिलाने के लिए किसान मुख्यमंत्री बनने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने संबोधन में पीएम मोदी से लेकर सीएम वसुंधरा व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव अशोक गहलोत पर जमकर तंज कसे। बेनीवाल रविवार को सीकर के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित किसान हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे। रैली में सीकर सहित दस जिलों के हजारों किसानों ने भाग लिया। आंधी, बारिश के बीच भी लोग दिनभर सभा में बेनीवाल का भाषण सुनने के लिए बैठे रहे। हालांकि इस दौरान बेनीवाल ने नए दल की जयपुर रैली में घोषणा करने की बात कही।

काले कानून पर भी जताया था विरोध
विधानसभा में पेश काले कानून को लेकर भी बेनीवाल ने कहा कि मीडिया के माध्यम से इसका विरोध जताया गया तो हमने पूरा समर्थन दिया, जिसके बाद सरकार को काला कानून वापस लेना पड़ा।

हरियाणा जाट आंदोलन में बड़े लड़ाके बने
बेनीवाल ने जाट आंदोलनों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि गुर्जर आंदोलन पर बोलने के दौरान भी उन्होंने हरियाणा जाट आंदोलन का जिक्र करते हुए जाटों को ज्यादा लड़ाका और जुझारू कौम साबित करने की कोशिश की। हालांकि खुद को जाट समर्थक होने का खंडन करते हुए बेनीवाल ने कहा कि वे केवल जाटों के विकास की बात नहीं करते हैं, जो भी किसी को हजम ना हो, तो उनके पास उसका कोई उपाय नहीं है। हालांकि अपने संबोधन में बेनीवाल ने गुर्जर और दलित आंदोलनों में खुद को उनका सहभागी बताते हुए आगे भी हर कौम को साथ लेकर चलने का दावा किया।

दोनों दल जनता को लूट रहे
रैली में बेनीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा, तो चुनाव पूर्व तीसरे मोर्चे के गठन के लिए सभी जाति और समुदाय के लोगों को भी एक साथ साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों एक थाली के चट्टे बटट्े हैं। जनता के सामने भले ही दोनों अलग होने का दावा करें, लेकिन इनके नेता साथ बैठकर डिनर करते हैं। प्रदेश में एक बार भाजपा तो अगली बार कांग्रेस की सरकार बनती है। इसका खमियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेस में पप्पू तो दूसरी और गप्पू
बेनीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तंज से शिकार करते हुए राहुल गांधी को 'पप्पू' बताया तो दूसरे को 'गप्पू' संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही नेताओं और इनके दलों की गुलामी से निजात पाने के लिए एक नई आजादी का बिगुल तीसरे मोर्चे के रूप में बजाना है। उन्होंने कहा कि 36 कौम के लोग अब उनके साथ हैं, इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर किसान का बेटा और फिर देश का प्रधानमंत्री बदलते हुए किसान के बेटे को जयपुर और दिल्ली की 'गद्दी' पर बिठाना है।

किरोड़ी बीच में छोड़कर चले गए
किरोड़ीलाल मीणा पर भी बेनीवाल ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने का दंभ भरा था, लेकिन, बाद में मीणा 'मैडम के चक्कर' में आ गए और साथ छोड़कर चले गए। सभा की खास बात जयपुर कूच और तीसरे मोर्च की तस्वीर फिर से अधूरी छोडऩा रही। नागौर, बाड़मरे और बीकानेर के बाद सीकर की अपनी अंतिम हुंकार रैली में भी बेनीवाल ने जेएमएम मोर्चे की घोषणा तो जयपुर कूच के दौरान करने की बात कही, लेकिन जयपुर आंदोलन की कोई तिथि या कार्यक्रम साफ नहीं किया। हुंकार रैली का राजनीतिक लाभ लेने से खुद का बचाव करते हुए खुद के आंदोलन को सत्ता परिवर्तन की बजाय व्यवस्था परिवर्तन का आंदोलन भी करार दिया। सभा को कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इसके बाद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय मांग पत्र दिया। पत्र में किसानों का सम्पूर्ण कर्जा माफ करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, पुलिस के जवानों को शहीद का दर्जा, प्याज का समर्थन मूल्य, फसल बीमा योजना का पूरा लाभ दिलाने की मांग की।