नागौर. नागौर शहर सहित जिलेभर में शनिवार को असत्य पर सत्य व अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व दशहरा उत्साह और हर्षोल्लास से मनाया गया। शाम को सवा छह बजे शुभ मुहूर्त में जिला खेल स्टेडियम में रावण सहित कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी स्टेडियम पहुंचे। इससे पहले शहर के हाथी चौक स्थित मंदिर से रामजी की सवारी निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई स्टेडियम पहुंची। रामजी की सवारी स्टेडियम पहुंचते ही नगर परिषद व शहरवासियों की ओर से आतिशबाजी की गई। इसके बाद सभापति मीतू बोथरा, नागौर उपखंड अधिकारी गोविंद भींचर व आयुक्त रमेश रिणवा ने भगवान रामजी की पूजा-अर्चना कर आरती की। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए, जिसके साथ ही लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया। लोगों ने रावण दहन के बाद आतिशबाजी की और एक दूसरे को दशहरा की शुभकामनाएं दीं।
काफी देर तक जलते रहे पुतले, पर रॉकेट नहीं पहुंचा
खेल स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को जलाने के लिए नगर परिषद की ओर से तार लगाकर रॉकेट से आग लगाने की व्यवस्था की गई, ताकि रॉकेट सीधी पुतलों के नाभि में लगे और पुतले जले। इसके लिए जैसे ही शुभ मुहूर्त में सभापति बोथरा ने एसडीएम भींचर, आयुक्त रिणवा, भाजपा नेता सरोज प्रजापत, हरिराम जाखड़ सहित अन्य पार्षदों की मौजूदगी में रॉकेट (अग्निबाण) को आग लगाई, रॉकेट तार के सहारे आगे जाने की बजाए मौके पर ही फट गया, जिससे हादसा होते-होते बचा। इस दौरान रॉकेट की चिनगारियां अतिथियों को लगी। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों ने बारी-बारी तीनों पुतलों के पैरों में आग लगाकर जलाया। इस बार पुतले चार-पांच मिनट तक जलते रहे। आमतौर पर एक मिनट में पुतले जलकर गिर जाते हैं।