– करीब चार दशक से हॉकी के खिलाड़ी तैयार कर रहा छोटा सा गांव फिरोजपुरा
– गांव के 18 खिलाडी राष्ट्रीय व 280 खिलाडी राज्य स्तर पर कर चुके प्रतिनिधित्व
– दिन उगने के साथ ही बच्चे और युवा हॉकी स्टिक लेकर पहुंच जाते हैं मैदान में
अणदाराम बिश्नोई
कुचेरा(नागौर). करीब 39 साल पहले भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी खेलने व इसके प्रशिक्षण की शुरुआत करने वाला नागौर जिले का फिरोजपुरा गांव आज हॉकी के खिलाड़ी तैयार करने की फैक्ट्री बन चुका है। इस छोटे से गांव के हर घर में राष्ट्रीय व राज्य स्तर के खिलाड़ी हैं। गांव के 18 खिलाडी राष्ट्रीय व 280 खिलाडी राज्य स्तर पर नागौर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हॉकी में राष्ट्रीय व राज्यस्तर पर नागौर जिले का परचम लहराने में फिरोजपुरा की बालिकाएं भी पीछे नहीं हैं।
यहां जीवंत है हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की यादें
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की यादों को फिरोजपुरा के खिलाड़ी आज भी जीवंत बनाए हुए हैं। खिलाड़ी उनके नक्शेकदम पर चलने को जी जान से जुटकर पसीना बहाते हैं। अल सुबह उठकर छोटे बच्चे व युवा हाथ में हॉकी स्टिक लेकर मैदानों में खेलने निकल पड़ते हैं। शाम को स्कूल से घर लौटने के बाद मैदान पर पहुंचना इनकी दिनचर्या में शुमार है।
करीब एक दर्जन हॉकी के मैदान
गांव में बच्चों के अभ्यास के लिए करीब एक दर्जन छोटे- बड़े हॉकी के मैदान बने हुए हैं। फिरोजपुरा गांव के साथ कुचेरा कस्बे, निम्बड़ी चांदावतां, खजवाना व संखवास गांव में भी खिलाड़ी हॉकी में परचम लहराने के लिए पसीना बहाते दिखते हैं। महिला हॉकी को बढ़ावा देने के लिए कुचेरा की निजी शिक्षण संस्थानों व पोटलिया मांजरा, आकेली ए गांव की सरकारी स्कूलें भरपूर सहयोग कर रही हैं।
1985 में हुई ट्रेनिंग की शुरुआत
फिरोजपुरा में हॉकी के प्रशिक्षण की शुरूआत गांव के शिक्षक ओमप्रकाश डूकिया व कुचेरा के शिक्षक रामनिवास मारूका ने वर्ष 1985 में की। दोनों शिक्षकों की मेहनत से तैयार फिरोजपुरा की टीम पहले ही प्रयास में 1985 में जिले में उपविजेता रही। उसके बाद से टीम व प्रशिक्षकों का मनोबल बढ़ता गया और 1985 से 1995 तक फिरोजपुरा की टीम लगातार जिला स्तर पर प्रथम रही। खिलाडि़यों की मेहनत और लगन से प्रभावित होकर तत्कालीन जिला कलक्टर डॉ. मंजीत सिंह ने गांव में हॉकी मैदान के लिए 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की। वर्ष 1986-87 में राज्य स्तर पर विजेता रही नागौर की टीम में दस खिलाड़ीफिरोजपुरा के शामिल थे।
बेटियां पहुंची राष्ट्रीय स्तर पर
स्कूली हॉकी प्रतियोगिताओं में भी फिरोजपुर की लड़कियों ने राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर नागौर जिले का नाम रोशन किया है। वर्ष 2023-24 में निम्बड़ीचांदावता की तीन छात्राओं ने 14 वर्ष बालिका वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया था। इसी प्रकार कुचेरा शहर के निजी विद्यालय की करीब दो दर्जन से अधिक खिलाड़ी छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है। जारोड़ा निवासी शारीरिक शिक्षक रेंवत सिंह ने वर्ष 1992-93 में राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली हॉकी में रजत पदक जीता। बिचपुड़ी निवासी सविता बिश्नोई हॉकी में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी है। निम्बड़ीचांदावता के भरतसिंह ने हाल ही में शॉफ्ट हॉकी में राष्ट्रीय स्तर पर मैडल जीता है, वहीं बुटाटी के राजेश जाजड़ा ने ड्रॉप रॉ बाल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है।
इनका कहना है
राष्ट्रीय खेल हॉकी को बढ़ावा देने के लिए फिरोजपुरा सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र में प्रतियोगिताएं करवाई जाती है। क्षेत्र के निजी व राजकीय विद्यालय भी टीमें तैयार हॉकी के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह सार्थक कदम है।
हरिराम कड़वासरा, अध्यक्ष, नागौर जिला हॉकी संघ