
10-10 years of jail for firing on family members of Sarpanch
नागौर. जिले के बहुचर्चित बलाया फायरिंग प्रकरण के तीन आरोपितों को नागौर एडीजे संख्या- 2 ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। मामले में फैसला आने के चलते सोमवार को न्यायालय परिसर में दोनों पक्षों के लोगों की काफी भीड़ रही, वहीं एक आरोपित हार्डकोर होने के कारण पुलिस ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। इसके चलते न्यायालय परिसर दिनभर छावनी बना रहा। एपीपी कांता बोथरा ने बताया कि बलाया के सरपंच परिवार पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे-2 कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए हार्डकोर अपराधी बलाया निवासी पुखराज उर्फ रामस्वरूप पुत्र भंवरलाल, उसके साथी सुरेश पुत्र भंवरलाल एवं कैलाश पुत्र प्रेमाराम को दस-दस साल की सजा सुनाई है। हथियार सप्लाई करने के आरोपित कैलाश उर्फ अक्षय पुत्र बुधाराम को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता भंवरलाल पोटलिया ने पैरवी की।
न्यायालय परिसर में रहा भारी पुलिस जाब्ता
न्यायालय में क्यूआरटी व पुलिस कमांडो को आधुनिक हथियारों के साथ तैनात किया गया, जिससे न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील हो गया। फैसले के दौरान दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में न्यायालय में मौजूद रहे। इस दौरान टकराव की स्थिति पैदा नहीं हो, इसके लिए पुलिस ने पूरी सजगता बरती।
ये हुए थे घायल
फायरिंग में बलाया निवासी राजमल काला, रामनरेश, हरिराम जाट, मनीष काला, रामस्वरूप, महावीर जाट, हरिराम, सुरेश, भारमल व पश्चिम बंगाल निवासी तपन गंभीर रूप से घायल हुए थे। फायरिंग में दो लोगों के आंखों की रोशनी चली गई।
सरपंच परिवार के 10 लोग हुए थे घायल
मूण्डवा थाना क्षेत्र के बलाया गांव में 13 मार्च 2015 की दोपहर थाने के हिस्ट्रीशीटर पुखराज ने अपने साथियों के साथ मिलकर सरपंच अर्जुनराम काला के परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दस जनों को गंभीर घायल कर दिया था। फायरिंग में घायल बलाया निवासी रामस्वरूप पुत्र हरिराम जाट ने रिपोर्ट देकर बलाया निवासी पुखराज, गणपत, सुरेश, भंवरलाल जाट, आमण्डा की ढाणी निवासी कैलाश जाट के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
Published on:
19 Dec 2017 12:28 pm
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