
खींवसर में तालाब खुदाई कार्य पर लगे श्रमिक। फाइल फोटो पत्रिका
Viksit Bharat G Ram G Scheme : विकसित भारत जी राम जी योजना में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रीडिंग प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत 23 फरवरी को देशभर में एक साथ ट्रायल प्रस्तावित है। यह प्रणाली श्रमिकों की आंख की पुतली और चेहरे को स्कैन कर आधार से मिलान करेगी, जिसके बाद ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होगी।
पहले मनरेगा में गैर मजदूरों के नाम पर पैसे के गबन की शिकायतें मिलती रही हैं। इसी पर लगाम कसने के लिए राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली यानी एनएमएमएस को हाईटेक किया गया है। एआई वर्जन एनएमएमएस से अब ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। श्रमिक की आंख की पुतली और चेहरा स्कैन होते ही स्वतः हाजिरी दर्ज हो जाएगी।
ऑनलाइन हाजिरी के लिए कर्मचारी अपने मोबाइल से श्रमिक का वीडियो रिकॉर्ड करेगा। मजदूर को मोबाइल के सामने खड़े रहकर चार से पांच बार पलक झपकानी होगी। इसके बाद तस्वीर अपलोड होने पर एआई मस्टररोल में भरे विवरण से मिलान करेगा और कार्यक्षेत्र का फोटो भी लिया जाएगा। यदि मस्टररोल में दर्ज विवरण से व्यक्ति का मिलान नहीं हो पाता तो उसकी उपस्थिति रिजेक्ट हो जाएगी। अब केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही रोजगार मिल पाएगा।
ब्लॉक - श्रमिक
भैरून्दा 51452
डेगाना 50252
डीडवाना 41277
जायल 56669
खींवसर 51808
कुचामन 22982
लाडनूं 30150
मकराना 45286
मेड़ता 78501
मौलासर 32116
मूण्डवा 65913
नागौर 54907
नावा 19762
परबतसर 47570
रिंया 48769
कुल - 697414
विकसित भारत जी राम जी योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एआई आधारित फेस रीडिंग प्रणाली लागू की जा रही है। 23 फरवरी को देशभर में इसका ट्रायल होगा। श्रमिकों के चेहरे व आंख की पुतली स्कैन कर आधार से मिलान के बाद ही हाजरी लगेगी।
अनिल कुमार भुंकर, विकास अधिकारी खींवसर
Updated on:
22 Feb 2026 09:29 am
Published on:
22 Feb 2026 09:29 am
