
Half a dozen officers and employees suspended in MP
MP employees-- मध्यप्रदेश में सरकारी अमले पर सख्ती का दौर जारी है। नर्मदापुरम में 6 अधिकारी, कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जिले के सिवनी-मालवा में काले हिरणों के शिकार के मामले में यह कार्रवाई की गई है। 21 जनवरी की इस घटना में संलिप्त वन अधिकारी, कर्मचारियों ने हिरणों की प्राकृतिक मौत बताने की कोशिश की और सबूत नष्ट कर दिए। जांच में हकीकत सामने आ गई। इसके बाद नर्मदापुरम डीएफओ ने फॉरेस्ट ऑफिसर सहित कर्मचारियों को निलंबित कर सख्त संदेश दिया।
सिवनी मालवा में दो काले हिरणों के शिकार का मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि वन विभाग के ही कुछ अधिकारी, कर्मचारी इसमें संलिप्त हैं। इसपर डीएफओ ने सख्ती दिखाई और 6 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
नर्मदापुरम डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि 21 जनवरी को सिवनी मालवा के पास बासनिया गांव में 2 काले हिरण मिले थे। गांव वालों ने बताया कि शिकारी इनका शिकार कर लेकर जा रहे थे। हमें भनक लगी तो हिरणों को यहीं छोड़ कर भाग गए।
वन विभाग ने जांच शुरु की तो कुछ वनकर्मियों की ही संलिप्तता सामने आई। अधिकारियों के अनुसार आरोपी वन कर्मियों ने हिरणों के शिकार की बजाए उनकी प्राकृतिक मौत का मामला दर्शाने का प्रयास किया था। कर्मचारियों ने सबूत भी नष्ट कर दिए। कर्मचारियों के सीडीआर डिटेल से हिरणों के शिकार में उनकी संलिप्तता सामने आ गई।
मामले में दोषी पाए गए परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी मालवा आशीष रावत, वनपाल महेश गौर, वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे व पवन उइके को निलंबित कर दिया गया। डीएफओ ने बताया कि मामले की अग्रिम जांच जारी है।
Updated on:
24 Feb 2026 06:49 pm
Published on:
24 Feb 2026 06:48 pm
