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तवा बांध हुआ लबालब, Video में देखें नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर हिलोरें मारतीं नर्मदा की लहरें

नर्मदापुरम में बरसात थम जाने से बाढ़ का खतरा टल गया है लेकिन सेठानी घाट पर नर्मदा की लहरें हिलारें मार रहीं हैं। इधर तवा बांध भी पानी से लबालब हो गया है।

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सेठानी घाट पर नर्मदा की लहरें हिलारें मार रहीं हैं

एमपी में नर्मदा नदी में उफान आ गया है। नर्मदापुरम में भी नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा किनारे के अधिकांश निचले इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। लगातार बरसात के कारण जिले के निचले इलाकों में पानी भर चुका है। लोगों को राहत केंपों में पहुंचाया जा रहा है। हालांकि नर्मदापुरम में बरसात थम जाने से बाढ़ का खतरा टल गया है लेकिन सेठानी घाट पर नर्मदा की लहरें हिलारें मार रहीं हैं। इधर तवा बांध भी पानी से लबालब हो गया है।

लगातार तेज बरसात और बरगी बांध से छोड़े गए पानी के कारण नर्मदापुरम जिले में स्थिति खराब हो रही है। जबलपुर के बरगी बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है जिसके कारण जिले में कई जगहों पर नर्मदा उफान मार रही है।

नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 956.40 फ़ीट पर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 967 फ़ीट पर है इस प्रकार सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 11 फीट नीचे है। बारिश थम जाने से अभी नर्मदापुरम में बाढ़ का खतरा टल गया है लेकिन प्रशासन अलर्ट है।

जिला अधिकारियों के अनुसार अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है लेकिन निचले डूब वाले इलाकों और नर्मदा के तटीय गांवों में गहरी निगरानी रखी जा रही है। नर्मदापुरम के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि शाम तक जलस्तर और बढ़ सकता है। नर्मदा किनारे के गांवों में टीम तैनात कर लोगों को नदी से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

इधर जिले के सांडिया,पिपरिया में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। यहां नर्मदा के तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं। यहां प्रशासन द्वारा लोगों को रेन बसेरों,स्कूलों में बनाए राहत शिविरों में पहुंचकर आश्रय लेने की मुनादी कराई जा रही है।

इधर नर्मदापुरम में तवा बांध भी पानी से लबालब हो गया है। बांध में पूर्ण क्षमता से मात्र कुछ फीट पानी ही शेष है। तवा बांध का जलस्तर 1160 फ़ीट पर पहुंच चुका है। यहां अधिकतम जलस्तर 1166 फ़ीट है। इस तरह तवा बांध में पानी पूर्ण जलभराव क्षमता से अभी मात्र 6 फ़ीट ही कम बचा है। बैतूल जिले में सतपुड़ा बांध के गेट खोले गए। सतपुड़ा बांध के 7 गेट खोले गए और छिंदवाड़ा में माचागोरा डैम के 4 गेट खोलना पड़े हैं।