
Tiger Hunting in MP
Tiger Hunting in MP: एमपी के वन क्षेत्रों में शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। सतना व नर्मदापुरम में वन्य प्राणियों के शिकार के दो मामले सामने आए हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे राजस्व वन क्षेत्र में शिकारियों ने 13 साल के नर बाघ के गले में फंदा लगाकर न सिर्फ शिकार किया, बल्कि एक पंजा भी काट ले गए। शुक्रवार को उसका शव ग्राम बढ़ चापड़ा के पास तवा नदी के बैक वाटर में मिला। अब विभाग शिकारियों की तलाश में जंगल की खाक छान रहा है।
भोपालसे टाइगर स्ट्राइक फोर्स भी पहुंची। दरअसल, मोटर बोट से गश्ती के दौरान एसटीआर के दल को बाघ का शव दिखा। उसके गले पर फंदा लगने के निशान हैं। हिरण चापड़ा नर्सरी में शव का एसटीआर व डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण शिकार बताया जा रहा है। एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने शिकार की पुष्टि की है। बता दें, मध्यप्रदेशमें अमूमन बाघों की मौत का कारण विभाग आपसी संघर्ष बताता रहा है। लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है विभाग की ये बात अब सवालों के घेरे में है।
-- चूरना क्षेत्र में जून 2023 में बाघ का सिर काट ले गए थे। शिकारी पकड़े गए, सिर जब्त। आरोपियों ने बताया, तंत्र-मंत्र में उपयोग के लिए बाघ का सिर काटा था।
-- मढ़ई में लागदा में 12 अगस्त को बाघ का शव मिला। विभाग ने कहा, आपसी संघर्ष में मौत।
सतना. सांभर का शिकार कर पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में मांस पकाने का मामला सामने आया। नागौद के गेस्ट हाउस में छककर मांस खा रहे थे। रेंजर कीर्ति सिंह टीम लेकर पहुंचीं तो कमरा-3 से 5 लोग भागे। धौरहरा का दर्पण सिंह पकड़ा गया। कमरे में टेबल पर बर्तन में मांस मिला। अफसरों ने इसे जब्त कर जांच को भेजा है। सवाल है कि गेस्ट हाउस में किसके कहने पर पार्टी चल रही थी।
Updated on:
23 Aug 2025 09:41 am
Published on:
23 Aug 2025 09:36 am
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