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पश्चिम बंगाल चुनाव में 27 लाख नाम हटे, रिकॉर्ड वोटिंग के बीच 96 सीटों पर दिखा बिलकुल अलग वाला ट्रेंड

पश्चिम बंगाल चुनाव में 27.16 लाख नाम हटने और 92.95% रिकॉर्ड मतदान के बीच 96 सीटों पर खास ट्रेंड सामने आया। कई सीटों पर मतदाता घटे तो कई जगह वोट बढ़े, जिससे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता लिस्ट संशोधन पर नए सवाल खड़े हुए हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

May 03, 2026

West Bengal Election

West Bengal Election(AI Image-ChatGpt)

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल का चुनाव खत्म होने के बाद अब कुछ घंटो में चुनाव के परिणाम सामने होंगे। चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप खत्म होने के बाद अब चुनाव विश्लेषण किया जा रहा है। बंगाल के हालिया चुनाव दो प्रमुख कारणों से खास चर्चा में रहे। पहला, मतदाता लिस्ट में ‘लॉजिकल विसंगतियों' के आधार पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए, और दूसरा, रिकॉर्ड 92.95% मतदान दर्ज किया गया। इस बार 2021 के मुकाबले करीब 31 लाख अधिक वोट डाले गए। इससे भी चुनावी रुझान का आंकलन किया जा रहा है।

जान लें आंकड़े


मतदाता सूची में कुल 27.16 लाख नामों को हटाया गया। इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर 96 ऐसी विधानसभा सीटें सामने आती हैं, जहां खास पैटर्न देखने को मिलता है। इनमें से 48 सीटें ऐसी हैं, जहां इस बार मतदाताओं की संख्या 2021 के मुकाबले कम रही। ये 48 सीटें कुल हटाए गए नामों का लगभग 28% हिस्सा हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि Special Intensive Revision(SIR) का असर मतदान करने वालों की संख्या पर पड़ा हो सकता है। इन 48 सीटों में से 15 सीटों पर 2021 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जीत मिली थी। दूसरी ओर, बाकी 246 सीटों में इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इनमें से 48 सीटें ऐसी हैं, जहां कम से कम 20,000 अधिक वोट डाले गए। ये 48 सीटें कुल अतिरिक्त मतदान का लगभग 42% हिस्सा हैं, जबकि इन पर हटाए गए वोटरों की संख्या अपेक्षाकृत कम यानी 2.66 लाख रही, जो प्रति सीट औसतन 5,548 बैठती है। इन सीटों में से 14 पर 2021 में बीजेपी ने जीत हासिल की थी।

कहां कितने नाम हटे


अगर हटाए गए नामों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसमें भी काफी असमानता दिखती है। बात करें तो, समसेरगंज में सबसे ज्यादा 74,775 नाम हटाए गए, जबकि मानबाजार में सिर्फ 71 नाम हटे। दोनों ही क्षेत्रों में 90% से अधिक मतदान हुआ, लेकिन परिणामों में बड़ा अंतर देखने को मिला। समसेरगंज में 96.04% मतदान के बावजूद कुल डाले गए वोटों में 33,536 की कमी आई, जो 2021 के मुकाबले 17.8% गिरावट है। वहीं, मानबाजार में 91.73% मतदान के साथ 20,605 वोटों की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो 9.6% की वृद्धि दिखाती है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मतदाता लिस्ट में संशोधन और मतदान प्रतिशत के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है।