
राघव चड्ढा सहित 7 AAP सांसद भाजपा से जुड़े। (फोटो- IANS)
राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात राजयसभा सांसदों ने अपना पाला बदल लिया है। सभी अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस बड़े उलटफेर के बाद देश में सियासी माहौल गरमा गया है।
भले ही धोखा दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को मिला है, पर भयंकर नाराजगी कांग्रेस नेताओं में देखने को मिल रही है।
कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने सातों सांसदों पर 'आप' के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नविन से एक बड़ी भूल हुई है।
रमेश बाबू ने मीडिया से बात करते हुए कहा- यह सही नहीं है। BJP के नए अध्यक्ष ने एक बड़ी भूल की है। यह ठीक नहीं है। यह लोकतंत्र की नींव को हिला रहा है। उन्होंने उस पार्टी के साथ विश्वासघात किया जिसने उन्हें चुनकर भेजा था।
इससे पहले, AAP के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों को 'सड़े हुए अंडे' तक कह दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी संसद के ऊपरी सदन में उनकी पार्टी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
धालीवाल ने जोर देकर कहा कि इन सांसदों को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा एक नेक इरादे के साथ टिकट दिया गया था, लेकिन उन्होंने पंजाब की जनता के साथ 'विश्वासघात' किया।
उन्होंने कहा- जब अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने उन्हें राज्यसभा के टिकट दिए, तो उनका मकसद युवाओं, शिक्षा, उद्योग और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना था। उनकी नीयत नेक थी, लेकिन जैसा कि अंडे खरीदते समय होता है, कुछ अंडे सड़े हुए निकल जाते हैं। इन सड़े हुए अंडों ने पंजाब के साथ गद्दारी की।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में राघव चड्ढा हैं, जिन्होंने खुलकर ऐलान किया कि वह और उनके साथ छह अन्य सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, रजिंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह सहनी और स्वाति मालीवाल जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं के बीजेपी में जाने से AAP की राज्यसभा में ताकत काफी घट सकती है।
राघव चड्ढा ने साफ कहा कि यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया है और संविधान के प्रावधानों के तहत दो-तिहाई सांसदों के समर्थन से यह विलय किया गया है। इस आधार पर वे दल-बदल कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह मान्य हो जाता है, तो AAP को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने AAP नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और ईमानदारी से काम करने वाले लोगों के लिए जगह नहीं बची है। उन्होंने दावा किया कि कई नेता पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं और बाकी भी धीरे-धीरे दूरी बना रहे हैं।
Published on:
26 Apr 2026 09:14 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
TMC Crisis: क्यों बागी हुए ममता बनर्जी के सबसे खास सहयोगी सुदीप बंद्योपाध्याय? आ गई पहली प्रतिक्रिया

