
संजय सिंह ( Image Source - 'X' @SanjayAzadSln)
Aam Aadmi Party petitioned Rajya Sabha chairman: आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने रविवार को कहा कि पार्टी ने राज्यसभा सभापति और उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से उन सभी 7 सांसदों को बर्खास्त करने के लिए याचिका दायर की है, जो पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। इसको लेकर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य सहित संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श किया था, जिनकी राय थी कि सांसद 'कानून के तहत अयोग्यता के लिए उत्तरदायी' हैं।
आम आदमी पार्टी ने पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संजय सिंह ने 10वीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह के दलबदल कानूनी रूप से वैध नहीं हैं और इनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही होनी चाहिए।
हालांकि, कानूनी राय बंटी हुई है। जहां आम आदमी पार्टी के नेता तर्क देते हैं कि इस तरह का कोई भी विभाजन असंवैधानिक है, वहीं कई विशेषज्ञों का कहना है कि दल-बदल विरोधी कानून किसी भी विधायक दल के दो-तिहाई समर्थन से विलय की अनुमति देता है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या इस कदम से वास्तव में अयोग्यता उत्पन्न होगी।
बीते शुक्रवार को राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। इसके बाद दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। जहां आम आदमी पार्टी ने इसे दल-बदल कानून के तहत गलत ठहराते हुए उनकी राज्य सभा सदस्यता समाप्त करने करने की बात कही थी। जिन सांसदों की सदस्यता पर विवाद है- ये हैं- राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं।
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लेकर राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा था कि ये इस्तीफे पार्टी के भीतर 'निराशा, अलगाव और असंतोष' के कारण हुए हैं, जबकि साहनी ने पंजाब में शासन संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है, जिनमें कर्ज का दबाव, कृषि संबंधी मुद्दे और नशीली दवाओं का दुरुपयोग शामिल हैं, साथ ही नेतृत्व तक पहुंच की कथित कमी भी शामिल है।
Updated on:
26 Apr 2026 03:36 pm
Published on:
26 Apr 2026 03:17 pm
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