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नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? अमित शाह ने किया बड़ा खुलासा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान अमित शाह ने नक्सल विरोधी अभियान और उनके खात्मे को लेकर अहम जानकारी दी है।

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भारत

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Vinay Shakya

Mar 30, 2026

Union Home Minister Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Photo- IANS)

लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा (Discussion on Naxalism in the Lok Sabha) का जवाब देते हुए अमित शाह ने साफ-साफ कहा कि देश में वामपंथी उग्रवाद का मूल कारण विकास की कमी, गरीबी या अन्याय नहीं, बल्कि एक खास विचारधारा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सल समस्या को हल करने के लिए मोदी सरकार विकास के साथ-साथ सख्त सुरक्षा नीति पर जोर दे रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में चर्चा के समय विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।

नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर सरकार का पक्ष रखा। अमित शाह ने पूछा- नक्सलियों के पास हथियार कहां से आए? उन्होंने आगे कहा कि नक्सलियों के पास जो हथियार पकड़े गए हैं, उसमें से 92 प्रतिशत हथियार पुलिस से लूटे गए हैं। नक्सलियों ने थाने लूट लिए, गोलियां लूट लीं और इनका इस्तेमाल निर्दोष जवानों, बच्चों और किसानों को मारने के लिए किया गया। गृह मंत्री ने आगे कहा कि नक्सलियों को लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। कई लोग यहां कहते हैं कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन उनका लड़ने का तरीका क्या है?

भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा को नक्सलियों से जोड़ा गया

लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि कुछ लोगों ने भगत सिंह और बिरसा मुंडा जैसे महान लोगों को नक्सलियों से जोड़ने की कोशिश की। ऐसा करना बेहद दुस्साहस है। आप शहीद भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा, जो ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़े थे। उन लोगों की तुलना ऐसे लोगों से की गई, जो संविधान का उल्लंघन करते हैं। हथियार उठाते हैं और निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं। ऐसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठना चाहिए।

तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा नक्सलियों के आदर्श नहीं

अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने तिलका मांझी को अपना आदर्श नहीं माना। नक्सलियों ने भगवान बिरसा मुंडा को, भगत सिंह को और सुभाष चंद्र बोस को भी आदर्शन नहीं माना। फिर वे किसे अपना आदर्श मानते हैं? वे माओ को अपना आदर्श मानते हैं। वामपंथी विचारधारा के कारण ये नक्सलवाद फैला है। पूर्व PM मनमोहन सिंह ने पूरे देश के सामने स्वीकार किया था कि कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट की तुलना में भी देश में आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माओवादी हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

रूस में कम्युनिस्ट सरकार बनीं तो भारत में CPI की स्थापना हुई

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- रूस में कम्युनिस्ट सरकार बनते ही 1925 में भारत में CPI (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) की स्थापना हुई। रूसी सरकार ने अपने संरक्षण के माध्यम से पूरी दुनिया में कम्युनिस्ट पार्टियों के गठन को बढ़ावा दिया। इसकी एक शाखा हमारे देश में स्थापित हुई। अब, एक ऐसी पार्टी, जिसकी नींव ही एक विदेशी राष्ट्र की प्रेरणा से रखी गई हो, हमारे अपने देश के हितों के बारे में कैसे सोच सकती है?