30 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हसीना के जाते ही बदला बांग्लादेश: पाकिस्तानी मौलानाओं ने डाला डेरा, भारत के लिए बढ़ी टेंशन

Syed Hamid Saeed Kazmi Bangladesh Visit: बांग्लादेश के चटगांव में पाकिस्तान के पूर्व मंत्री सैयद हामिद सईद काजमी के 10 दिवसीय दौरे ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा और बढ़ते कट्टरपंथ को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट, पढ़ें पूरी खबर।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Mar 30, 2026

Syed Hamid Saeed Kazmi Bangladesh Visit

Syed Hamid Saeed Kazmi Bangladesh Visit

Syed Hamid Saeed Kazmi Bangladesh Visit: बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अब पाकिस्तानी मौलानाओं की सक्रियता बढ़ गई है, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के संदर्भ में यह गतिविधियां संवेदनशील मानी जा रही हैं।

पाकिस्तानी मौलानाओं की बढ़ती मौजूदगी

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के मदरसों और धार्मिक संस्थानों में पाकिस्तानी मौलानाओं की आवाजाही बढ़ी है। ये मौलाना कथित तौर पर धार्मिक सभाओं और तकरीरों के जरिए स्थानीय कट्टरपंथी समूहों के बीच सक्रिय हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती हैं और भारत के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश भी हो सकती है।

पूर्व पाक मंत्री का बांग्लादेश दौरा

सैयद हामिद सईद काजमी हाल ही में बांग्लादेश पहुंचे हैं। नार्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, वे 29 मार्च को ढाका पहुंचे और वहां से चटगांव के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि अपने दौरे के दौरान वह विभिन्न इस्लामी संगठनों और धार्मिक विद्वानों के साथ बैठकें करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश में धार्मिक गतिविधियों को लेकर पहले से ही चर्चा तेज है।

चटगांव दौरे से बढ़ी चिंता

रिपोर्ट के अनुसार, काजमी का मुख्य कार्यक्रम चटगांव के हाथजारी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख मदरसे में है, जहां वे कई धार्मिक बैठकों में हिस्सा लेंगे। यह इलाका भारत की सीमा के करीब और संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में पाकिस्तानी धार्मिक नेताओं की मौजूदगी को भारत के लिए चिंताजनक माना जा रहा है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों में बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तेजी से सुधार देखा गया है। दोनों देशों के बीच न केवल कूटनीतिक बल्कि सैन्य और आर्थिक स्तर पर भी संपर्क बढ़ा है। हाल के महीनों में उच्चस्तरीय बैठकों और सहयोग के संकेत भी सामने आए हैं।

भारत के लिए क्यों बढ़ी टेंशन?

विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में पाकिस्तानी मौलानाओं की सक्रियता और दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय बन सकती हैं। खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती इलाकों में किसी भी तरह की कट्टरपंथी गतिविधियों का असर सुरक्षा पर पड़ सकता है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे दौरे

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के मौलाना इब्तिसाम इलाही जहीर भी बांग्लादेश का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में सभाएं की थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी थी।