सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सभापति ने मल्लिकार्जुन खरगे को रिजिजू की टिप्पणी का जवाब देने की अनुमति दी। खरगे ने कहा कि उन्हें सदन में क्या बोलना है, यह बताने के लिए उन्हें रिजिजू से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या कहना है, कब कहना है और किस तरह कहना है, यह तय करना उनका अधिकार है।