उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारी किसी तरह की हिंसा या आक्रामक गतिविधि नहीं कर रहे थे, बल्कि वे परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने की मांग कर रहे थे।