
BJP President: केंद्र में एनडीए की मोदी सरकार ने मंगलवार को विधिवत काम शुरू कर दिया। नवनियुक्त मंत्रिपरिषद के विभिन्न मंत्री अपने-अपने मंत्रालय पहुंचे और पदभार ग्रहण करने के साथ ही एक्शन में आ गए। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी नई सरकार के गठन के लिए विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नए मुख्यमंत्रियों का चयन किया गया। इस बीच, 24 जून से तीन जुलाई तक संसद का विशेष सत्र आयोजित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के सरकार में शामिल होने के बाद नए अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
जेपी नड्डा नड्डा के बाद बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा। चुनाव के बाद नड्डा को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद बीजेपी को अब नया अध्यक्ष मिलना तय माना जा रहा है। बीजेपी अध्यक्ष के लिए कई नामों की चर्चा हो रही है। राजस्थान के सुनील बंसल या महाराष्ट्र के विनोद श्रीधर तावड़े का नाम सबसे आगे चल रहा है। आपको बता दें कि जेपी नड्डा साल 2019 लोकसभा चुनाव के बाद 2020 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बैठे थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2023 तक ही था लेकिन, लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनके कार्यकाल को जून 2024 तक बढ़ाया गया था।
नई संसद के पहले सत्र में शुरू के दो दिन नवनिर्वाचित सांसदों की शपथ और 26 को लोकसभा स्पीकर का चुनाव हो सकता है। सबसे वरिष्ठ लोकसभा सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाकर शपथ दिलाई जाएगी। सरकार की कोशिश सर्वसम्मति से लोकसभा स्पीकर के चयन की है, लेकिन विपक्ष अगर अड़ गया तो चुनाव होगा। यह सत्र में आठ दिन का हो सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। इस सत्र के दौरान बजट भी पेश होगा। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के लिए सांसद का नाम सुझाया जाएगा। अगर विपक्ष राजी हुआ तो फिर सर्वसम्मति से चयन हो जाएगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार विपक्ष के मजबूत होकर आने से संसद का विशेष सत्र हंगामेदार हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए मंत्रियों में अमित शाह, एस जयशंकर, जगत प्रकाश नड्डा, मनोहर लाल खट्टर, अर्जुन राम मेघवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान , गिरिराज सिंह, अश्विनी वैष्णव, किरन रिजिजू और सर्बानंद सोनोवाल समेत विभिन्न मंत्रियों ने अपने-अपने कार्यभार संभाल लिए हैं। अमित शाह समेत कई मंत्रियों ने मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद अपने विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
ओडिशा और आंध्रप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। दोनों नेताओं को मंगलवार को हुई अलग-अलग बैठकों में विधायक दल का नेता चुना गया। ओडिशा में केवी सिंगदेव और प्रवती परिदा को उपमुख्यमंत्री बनाने की भी घोषणा की गई है। दोनों राज्यों में शपथग्रहण समारोह बुधवार को होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है।
विधायक दल के नेता निर्वाचित होने के बाद एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार की मदद अपरिहार्य है। नायडू ने कहा कि अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी बनी रहेगी और विशाखापत्तनम को राज्य की वित्तीय राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।
Updated on:
15 Jun 2024 11:59 am
Published on:
12 Jun 2024 10:05 am
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