
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे (Photo - IANS)
Setback to Congress in By-Election: गुजरात, पश्चिम बंगाल और पंजाब की 5 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए संकट का अलर्ट दिख रहे हैं। कांग्रेस में पिछले छह महीने से चल रहा संगठन सृजन कार्यक्रम कम से कम चुनावी नतीजों में बेअसर साबित हुआ है। गुजरात पर फोकस करने के बावजूद यहां की दोनों सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, वहीं पंजाब में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अमरिंदर सिंह राजा वरिंग की लुधियाना संसदीय सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीट (लुधियाना पूर्व) पर भी पार्टी को पराजय मिली है। इस हार के बाद पंजाब कांग्रेस प्रमुख वरिंग को मंगलवार को दिल्ली में प्रस्तावित प्रेसवार्ता को रद्द करना पड़ा वहीं उपचुनाव में हार के बाद शक्ति सिंह गोहेल ने गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
दरअसल अपने आपको भविष्य के चुनाव के लिए खड़ी कर रही कांग्रेस में संगठन को मजबूत बनाने का काम चल रहा है। गुजरात में लंबी प्रक्रिया के बाद 40 जिलों में अध्यक्षों की घोषणा की गई। इस बीच दो सीटों के उपचुनाव नतीजों ने गुजरात में कांग्रेस संगठन की पोल खोल दी है। जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा को लेकर कांग्रेस में असंतोष चल ही रहा है कि अब उपचुनाव में हार ने पार्टी में निराशा और असंतोष का खतरा बढ़ा दिया है।
दिल्ली चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद आप ने गुजरात और पंजाब में एक-एक सीट जीतकर अपनी ताकत फिर दिखाई है। इस जीत से कांग्रेस हैरान और परेशान है। कांग्रेस के रणनीतिकार आप से गठबंधन नहीं चाहते हैं, लेकिन दूसरा विकल्प भी नहीं सूझ रहा है।
गुजरात में हाल ही जारी की गई जिलाध्यक्षों की सूची में किसी भी मुस्लिम नेता का नाम शामिल नहीं था। गुजरात व दिल्ली में कई नेताओं के ऐजााज के बाद भरूच शहर में मुस्लिम नेता को जिलाध्यक्ष बनाया गया।महज एक महिला को जिलाध्यक्ष बनाने पर भी विवाद बना हुआ है।
Updated on:
25 Jun 2025 08:19 am
Published on:
25 Jun 2025 08:12 am
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